*डीएम का प्रशासनिक चाबुक चला, लापरवाह लेखपाल की कुर्सी छिनी; दबंगों को गुंडा एक्ट और जिला बदर की चेतावनी*

एटा, 20 जून। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने साफ कर दिया कि अब सरकारी आदेशों की अवहेलना, शिकायतों में लापरवाही और प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने वालों के लिए कोई नरमी नहीं होगी। तहसील सदर में आयोजित समाधान दिवस के दौरान डीएम ने एक ओर घोर लापरवाही बरतने वाले लेखपाल को दंडित किया तो दूसरी ओर सरकारी कार्रवाई को चुनौती देने वाले दबंगों के खिलाफ गुंडा एक्ट एवं जिला बदर की कार्रवाई के निर्देश देकर कड़ा संदेश दिया।
शिकायतों की समीक्षा के दौरान ग्राम चमकारी के लेखपाल अवनीन्द्र सिंह की कार्यशैली पर डीएम का पारा चढ़ गया। शिकायत निस्तारण में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से एक माह के लिए कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया गया। इतना ही नहीं, इस अवधि में उनसे पार्किंग और सफाई व्यवस्था का कार्य कराने के आदेश देकर प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया कि लापरवाही की कीमत हर हाल में चुकानी पड़ेगी।
वहीं थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के मौजा चपराई सिकंदरपुर में प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले दबंगों पर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। पूर्व में राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा कराई गई मेड़बंदी को तोड़कर दोबारा कब्जे की कोशिश करने तथा सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वाले 10 लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट और जिला बदर की कार्रवाई हेतु पत्रावली तैयार कर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय भेजने के निर्देश दिए गए। डीएम ने साफ कहा कि प्रशासनिक आदेशों को चुनौती देने वालों के खिलाफ अब सीधे कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जो अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों के प्रति उदासीन रहेंगे या शासन के आदेशों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें वर्तमान पदों से हटाकर अन्यत्र संबद्ध भी किया जाएगा।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रशासन ने पांच स्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत संवेदनशील मामलों से लेकर पारिवारिक विवादों तक की निगरानी अलग-अलग स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। डीएम ने घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के मामलों में भी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में जिले की तीनों तहसीलों में कुल 54 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 17 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने भी पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारियों को चेताया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
*संदेश स्पष्ट है—* चाहे सरकारी कर्मचारी हो या दबंग कब्जेदार, कानून और प्रशासन को चुनौती देने वालों पर अब सीधी और कठोर कार्रवाई होगी।









