GIMS में कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, निदेशक पर तानाशाही और मनमानी के आरोप, रिपोर्ट सुनील कुमार गुप्ता

GIMS में कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी, निदेशक पर तानाशाही और मनमानी के आरोप

 

ग्रेटर नोएडा। Government Institute of Medical Sciences (GIMS) में कर्मचारियों का प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी कर्मचारी नई वैकेंसियों का विरोध करते हुए लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने और वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पताल और मरीजों की सेवा की। जब पूरा देश संकट से जूझ रहा था, तब वे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने के लिए लगातार ड्यूटी पर मौजूद रहे। लेकिन आज वही कर्मचारी अपनी नौकरी और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

कर्मचारियों ने अस्पताल के निदेशक पर तानाशाही रवैया अपनाने और मनमाने ढंग से निर्णय लेने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा है। कर्मचारियों का आरोप है कि नई भर्तियां निकालने के बजाय वर्षों से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को स्थायी किया जाना चाहिए और उनके वेतन में भी वृद्धि की जानी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कई कर्मचारी भावुक नजर आए। उनका कहना था कि कोरोना काल में उन्होंने अपनी और अपने परिवार की चिंता किए बिना मरीजों की सेवा की, लेकिन आज उन्हें अपने अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा के लिए प्रशासन के सामने हाथ जोड़ने पड़ रहे हैं, न्याय की गुहार लगानी पड़ रही है और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

 

रिपोर्टर: सुनील कुमार गुप्ता

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