मां के नाम पौधा, प्रकृति के नाम संदेश: विश्व पर्यावरण दिवस पर एसडीएम पियूष रावत ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

*मां के नाम पौधा, प्रकृति के नाम संदेश: विश्व पर्यावरण दिवस पर एसडीएम पियूष रावत ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*

 

*तुर्रम सिंह राजपूत ✍️*

 

एटा/जलेसर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जलेसर में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान रीजनल फॉरेस्ट अधिकारी (वन क्षेत्राधिकारी) ने जलेसर के उप जिलाधिकारी पियूष रावत को “मां के नाम” एक पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप जिलाधिकारी पियूष रावत ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते वायु, जल एवं ध्वनि प्रदूषण के बीच वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसके संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प भी लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का आधार है तथा वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ जीवन प्रदान करने के लिए पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाना आवश्यक है। “मां के नाम पौधा” अभियान लोगों को भावनात्मक रूप से प्रकृति से जोड़ने का एक सराहनीय प्रयास है।

कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और स्वच्छ भविष्य से संबंधित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं तथा लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित किया गया।

उप जिलाधिकारी पियूष रावत ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम “हरित पृथ्वी, स्वच्छ भविष्य” के संकल्प के साथ संपन्न हुआ और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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