*जलेसर बाईपास ‘जलमार्ग’ बना मुसीबत, सड़क पर गड्ढों का साम्राज्य, जनप्रतिनिधियों पर उठ रहे सवाल*
*तुर्रम सिंह राजपूत✍️*
जलेसर, 4 जून। जलेसर बाईपास और आगरा रोड की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जगह-जगह जलभराव, गहरे गड्ढे और कीचड़ से सनी सड़कें आम नागरिकों, वाहन चालकों और व्यापारियों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनी हुई हैं। निधौली कला चौराहे के आसपास का क्षेत्र विशेष रूप से सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है, जहां सड़क की पहचान तक करना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर बने विशाल गड्ढों में भरे पानी के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। भारी वाहन बीच रास्ते में फंस रहे हैं, जबकि दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। लोगों का आरोप है कि वर्षों से सड़क की मरम्मत और सुधार के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
इसी बीच जलेसर रोडवेज बस डिपो के प्रस्तावित उद्घाटन और क्षेत्र में बस सेवाओं के विस्तार की चर्चाओं ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब मुख्य मार्ग ही बदहाल स्थिति में हैं तो नई बस सेवाएं सुचारु रूप से कैसे संचालित होंगी। नागरिकों का कहना है कि पहले सड़कों को दुरुस्त किया जाना चाहिए, उसके बाद नई परिवहन योजनाओं पर अमल होना चाहिए।
क्षेत्र की जनता के बीच यह चर्चा भी तेज है कि “गड्ढा मुक्त सड़क” के सरकारी दावे जलेसर में धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की दुर्दशा प्रशासनिक उदासीनता और विकास कार्यों की धीमी गति को उजागर कर रही है। कई स्थानीय नागरिकों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
व्यापारियों का कहना है कि खराब सड़कें स्थानीय कारोबार को भी प्रभावित कर रही हैं। जलभराव और टूटे मार्गों के कारण मालवाहक वाहन समय पर नहीं पहुंच पा रहे, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उनका स्पष्ट कहना है कि उन्हें घोषणाएं नहीं, बल्कि सुरक्षित और सुगम सड़कें चाहिए।
अब निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं कि आखिर जलेसर की जनता को इस समस्या से कब राहत मिलेगी और कब यह महत्वपूर्ण मार्ग गड्ढों और जलभराव से मुक्त हो सकेगा।
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