*भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना पड़ा भारी: बी एम एफ नेशनल के डिजिटल मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पत्रकार विजेंद्र बहादुर सिंह को जान से मारने और फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी*
*यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार के जान को भी खतरा*
*संस्थापक जी का सभी दौरा रद्द*
*मीरजापुर, उत्तर प्रदेश:*
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार को जान से मारने की धाम की के बाद अब भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी के डिजिटल मीडिया सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार विजेंद्र बहादुर सिंह को भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। क्षेत्र के भू-माफियाओं और कथित मिलीभगत वाले प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन्हें और उनके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। इतना ही नहीं, उन्हें एससी/एसटी और रेप जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में फर्जी तरीके से फंसाकर जेल भेजने का खुला दबाव बनाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
विजेंद्र बहादुर सिंह ने मीरजापुर के जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में विस्तार से बताया है कि ग्राम पौनी, थाना अदलहाट स्थित तालाब की जमीन (गाटा संख्या 88मि, 148, 149क, 156, 157, 223, 231) पर स्थानीय दबंगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस मामले में पिछले कई वर्षों से कानूनी संघर्ष चल रहा है। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के स्पष्ट आदेश के बावजूद तहसील प्रशासन द्वारा बेदखली की कार्रवाई न करना और दबंगों के साथ मिलकर न्यायालय में कथित ‘फर्जी रिपोर्ट’ दाखिल करने का गंभीर आरोप उन्होंने प्रशासन पर लगाया है।
प्रशासनिक मिलीभगत और धमकियों का सिलसिला-
पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल समेत अन्य दबंग खुलेआम उन्हें फोन पर धमकी दे रहे हैं। 26 मई 2026 को मोबाइल नंबर ********97 से उन्हें धमकी दी गई कि वे तालाब के मुकदमे से पीछे हट जाएं, अन्यथा उन्हें गंभीर धाराओं में फंसा दिया जाएगा। पीड़ित का कहना है कि उनकी जान को खतरा है और वे अत्यंत भयभीत हैं। उन्होंने राज्य के महामहिम राज्यपाल कार्यालय से भी पूर्व में गुहार लगाई थी, जिसके बाद राज्यपाल सचिवालय ने जिलाधिकारी को मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे, बावजूद इसके स्थिति जस की तस बनी हुई है।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने ली संज्ञान, देशभर में होगा आंदोलन,
इस घटना को भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। संगठन की कोर कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने इस प्रकरण पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता को प्रशासनिक मिलीभगत से डराना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पंडित बालकृष्ण तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “यदि मेरे साथी पत्रकार को किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचाई गई, तो भारतीय मीडिया फाउंडेशन पूरे देश में उग्र आंदोलन करेगा। भ्रष्टाचार को उजागर करने वालों को संरक्षण मिलने के बजाय उन्हें प्रताड़ित करना शासन की विफलता को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम लखनऊ संगठन के संस्थापक एके बिंदुसार को भी अवगत करा दिया गया है और अब संगठन इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगा।
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार,
विजेंद्र बहादुर सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में एक उच्च स्तरीय ‘जिला स्तरीय टीम’ गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, उन सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए जो भू-माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं और उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने की साजिश रच रहे हैं।
प्रमुख मांगें:
1. तालाब की भूमि से अवैध अतिक्रमण तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।
2. धमकी देने वाले भू-माफियाओं और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो।
3. पीड़ित पत्रकार और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन ने यह साफ कर दिया है कि वे अपने सदस्य के साथ खड़े हैं और किसी भी कीमत पर पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी ने कहा कि संस्थापक महोदय का सभी यात्राएं रद्द कर दी गई है वह फिलहाल लखनऊ कार्यालय पर मौजूद हैं उनकी जल्दी वाराणसी और मिर्जापुर वापसी होगी उसके बाद नई रणनीति पर बैठक कर विचार किया जाएगा।









