WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकों को महिला सम्बन्धी (बलात्संग जैसे) गंभीर प्रकृति के अपराधों के संबंध में प्रशिक्षण दिया, रिपोर्ट नितिन तिवारी

*जनपद एटा*

*एटा – पुलिस अधीक्षक (नगर) एटा श्री श्वेताभ पाण्डेय द्वारा पुलिस लाइंस स्थित बहुउददेशीय हॉल में जनपद के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकों को महिला सम्बन्धी (बलात्संग जैसे) गंभीर प्रकृति के अपराधों के संबंध में प्रशिक्षण दिया

Oplus_131072

गया। विवेचना में एस०ओ०पी० एवं विधिक प्रावधानों के कड़ाई से अनुपालन हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।*

 

एटा _एसएसपी एटा डॉ इलामारन जी. के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर, श्री श्वेताभ पाण्डेय द्वारा जनपद के समस्त थानों पर नियुक्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकों को निर्देशित किया गया तथा पीपीटी के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया कि महिला सम्बन्धी अपराधों, विशेषकर बलात्संग जैसे जघन्य अपराधों की विवेचना के दौरान निम्नलिखित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए-

 

⏩*मुख्य दिशा-निर्देश:*

 

*1- पीड़िता के बयान के संबंध में-*

बलात्संग सहित समस्त महिला सम्बन्धी अपराधों में पीड़िता के बयान दर्ज करते समय माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं डीजीपी मुख्यालय द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूर्णतः पालन किया जाए। बयान महिला अधिकारी द्वारा, पीड़िता की सुविधा व गोपनीयता का ध्यान रखते हुए, दर्ज किए जाएं।

 

*2. फोरेंसिक साक्ष्य संकलन-* गंभीर अपराधों की विवेचना में घटनास्थल से साक्ष्य संकलन हेतु अनिवार्य रूप से फोरेंसिक टीम की सहायता ली जाए। समस्त भौतिक/इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की ‘चैन ऑफ कस्टडी’ विधिवत रूप से तैयार कर सुरक्षित रखी जाए, जिससे साक्ष्य की विश्वसनीयता न्यायालय में बनी रहे।

 

*3. विधिक प्रावधानों का पालन-*

महिला के बयान दर्ज करते समय एवं चिकित्सा परीक्षण कराते समय भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (CrPC) के सुसंगत प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। पीड़िता को विधिक अधिकारों की जानकारी दी जाए।

 

*4. समयबद्ध विवेचना-* बलात्संग व अन्य गंभीर महिला अपराधों में पीड़िता की चिकित्सा रिपोर्ट अधिकतम 7 दिवस के अंदर प्राप्त करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना पूर्ण कर आरोप-पत्र मा0 न्यायालय में प्रेषित किया जाए। विलंब के लिए विवेचक का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एटा डॉ0 इलामारन जी द्वारा स्पष्ट किया गया है कि महिला अपराधों की विवेचना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या विधिक प्रक्रिया का उल्लंघन ना किया जाए।

प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अपराध एटा श्री योगेंद्र सिंह तथा सभी प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष एवं विवेचकगण उपस्थित रहे।

Leave a Comment