*महा-संग्राम का शंखनाद: छत्तीसगढ़ में कार्यक्रम की गर्जना के बाद अब उत्तर प्रदेश में इतिहास रचने की तैयारी!*
##भारतीय मीडिया फाउंडेशन का मिशन ‘एकता’: पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का सबसे बड़ा अभियान शुरू##
नई दिल्लीः
भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी ने देश के लोकतंत्र को बचाने और चौथे स्तंभ के सम्मान को वापस दिलाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक फोरम के माध्यम से कार्यक्रम के भव्य आगाज की घोषणा के बाद, अब संगठन ने अपना पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश की ओर केंद्रित कर दिया है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश भर के कलमकारों और समाजसेवकों को एक सूत्र में पिरोने का एक महा-अभियान है।
रणनीति: उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लिए ‘विजेता’ टीम तैयार–
संगठन ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी आयोजनों की सफलता के लिए नेतृत्व की जिम्मेदारी सबसे अनुभवी हाथों में है:
छत्तीसगढ़ में: केंद्रीय मैनेजमेंट अफेयर्स कमेटी के केंद्रीय काउंसलर एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रशासक एवं बिलासपुर के जिला अध्यक्ष राजवर्धन पांडेय जी को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो वहां संगठन की जड़ों को सींच रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में: एटा के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सोलंकी को ‘नीति निर्धारण एवं महासम्मेलन समिति’ का राज्य प्रभारी बनाकर यूपी की कमान सौंपी गई है।
यूनियन संस्थापक एके बिंदुसार का ‘मास्टर प्लान’: एक मंच पर होंगे देश के प्रहरी—
यूनियन के संस्थापक एके बिंदुसार के नेतृत्व में यह अभियान एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रहा है। इस मुहिम का मकसद भारत के हर उस व्यक्ति को संगठित करना है जो समाज के लिए लड़ रहा है:
पत्रकार एवं RTI कार्यकर्ता
सामाजिक एवं मानवाधिकार कार्यकर्ता,
शीर्ष नेतृत्व की निगरानी में बन रही है ब्लूप्रिंट—-
राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बालकृष्ण तिवारी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल के राष्ट्रीय चेयरमैन निशाकांत शर्मा और यूपी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश शर्मा एवं छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष रेवत लाल पटेल के साथ छत्तीसगढ़ महिला सेल की राज्य चेयरमैन लक्ष्मी बर्वे दिन-रात एक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रही हैं। छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में होने वाले ये आगामी कार्यक्रम देश की मीडिया और सामाजिक राजनीति दिशा तय करेंगे।
> “तैयारी जीत की: छत्तीसगढ़ में आगाज होगा, तो उत्तर प्रदेश में एकता का सैलाब आएगा!”
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देश के नाम संदेश–
यह मुहिम उन सभी के लिए एक उम्मीद की किरण है जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हैं। भारतीय मीडिया फाउंडेशन का यह जोरदार कदम पूरे देश में एक मजबूत संदेश दे रहा है कि अब पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता संगठित होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।
बुलंद आवाज, अटूट एकता!
भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) कोर कमेटी जिंदाबाद जिंदाबाद!!








