*सोनभद्र में सच्ची पत्रकारिता पर हमला: काली मंदिर में चोरी की खबर छापने पर पत्रकारों को धमकी,बी एम एफ के संस्थापक AK बिंदुसार की चेतावनी – “चोरी और भ्रष्टाचार का लाइसेंस दे रखा है क्या प्रशासन ने?”*
*नई दिल्ली/सोनभद्र , चोपन।* सोनभद्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वतंत्र पत्रकारों को फर्जी मुकदमे में फंसाने और धमकाने का मामला गरमा गया है। भारतीय मीडिया फाउंडेशन एक्शन मूड में, मंदिर में चोरी की खबर प्रकाशित करने पर पत्रकारों को धमकी दी जा रही है, जिससे पूरे जिले में आक्रोश है।
*क्या है पूरा मामला ?*
एके बिंदुसार ने बताया कि शुक्रवार को SP अभिषेक वर्मा ने चोपन कस्बे में नई पुलिस चौकी का लोकार्पण किया और सुरक्षा मजबूत होने का दावा किया, लेकिन उसी रात नगर के प्राचीन काली मंदिर से माता का चांदी का मुकुट और छत्र चोरी हो गया।
इस खबर को जब स्थानीय स्वतंत्र पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने पोर्टल और चैनलों पर चलाया तो कुछ तथाकथित पत्रकारिता एवं नेतागिरी के नाम पर पुलिस के गोपनीय मित्र और विभाग से मिले हुए लोग उन्हें टारगेट करने लगे। पत्रकारिता पर सवाल खड़ा कर सूचना विभाग का हवाला देकर डराया जाने लगा।
एके बिंदुसार ने कहां कि नियम कानून हम भी जानते हैं सूचना विभाग का खुद दायित्व है कि वह जिले में कार्य करने पत्रकारों की सूची तैयार करें उनकी जनगणना करें और जिला समन्वय समिति गठित करें लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार और डीजीपी महोदय के आदेश के बावजूद आज तक जिला में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया स्वतंत्र पत्रकारो एवं खोजी पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को शामिल करते हुए समिति गठित नहीं हुआ इसका जिम्मेदार कौन है।
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन का बड़ा ऐलान -*
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक *ए.के. बिंदुसार* ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा – *”सामाजिक कार्यकर्ता और स्वतंत्र पत्रकारों को चोरी की खबर छापने पर धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। उनका मानसिक उत्पीड़न करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को न्यायालय में घसीटा जाएगा। धमकियों से जिला नहीं चलेगा।”*
बिंदुसार ने जिला प्रशासन से तीखा सवाल पूछा है – *”अगर प्रशासन चोरी की खबरें या भ्रष्टाचार की खबरें छापने पर मना करने के लिए बोल रहा है, तो जिला प्रशासन यह बताएं कि क्या चोरी करने, भ्रष्टाचार करने, हत्या करने, लूटपाट करने, का लाइसेंस आपने दे रखा है? क्या हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने , स्वतंत्र खोजी पत्रकारिता करने, नागरिक पत्रकारिता करने के लिए आपसे लाइसेंस लेने की आवश्यकता है?”तो हमें बताया जाए हम लोग लाइसेंस लेने के लिए भी तैयार हैं।*
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सभी पत्रकारों, खोजी पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भारतीय मीडिया फाउंडेशन के एक मंच पर संगठित किया जा रहा है। फर्जी मुकदमों का जवाब देने के लिए भारतीय मीडिया फाउंडेशन की अधिवक्ता फोरम की पूरी टीम तैयार है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रतिदिन भ्रष्टाचार की खबर प्रकाशित होगी सोशल मीडिया से लेकर रियल मीडिया के प्लेटफार्म पर नगर और कस्बा जिले में सभी सरकारी दफ्तरों के भ्रष्टाचार पर नजर रखी जाएगी और उनकी एक-एक कमियों को उजागर किया जाएगा और उसकी पूरी रिपोर्ट बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी।
















