*लोकतंत्र में चौथे स्तंभ की भागीदारी के लिए 5 साल का संघर्ष: अब विधान परिषद में पत्रकारों को कोटा फिक्स की मांग- अरविंद कुमार बिंदुसार*
(एके बिंदुसार)
वाराणसी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले शिक्षक और स्नातक MLC की 11 सीटों के चुनाव से ठीक पहले एक ऐसी मांग ने जोर पकड़ा है जो सीधे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से जुड़ी है।
दरअसल, यूपी में स्नातक की 5 सीटें – लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, इलाहाबाद-झांसी और शिक्षक की 6 सीटें – लखनऊ, मेरठ, आगरा, वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद, गोरखपुर-फैजाबाद पर चुनाव होना है। इसी चुनाव में एक नई बहस छिड़ गई है।
पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मिले विधान परिषद में हक – यह मांग उठाई है भारतीय मीडिया फाउंडेशन (नेशनल) और BMF NEWS NETWORK के संस्थापक वरिष्ठ समाजसेवी अरविंद कुमार बिंदुसार ने। वाराणसी खंड स्नातक क्षेत्र से अपने आप को उम्मीदवार घोषित करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 5 वर्षों से वे लगातार राज्यसभा एवं विधान परिषद में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि हमारा संगठन और हमारे सहयोगी संगठन के द्वारा आजाद उम्मीदवार के रूप में शिक्षक एवं स्नातक (एम एल सी) का चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को समर्थन दिया जाएगा।
उन्होंने पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से इस चुनाव मैदान में उम्मीदवार के रूप में उतरने की अपील भी की है ।
उन्होंने कहा कि पूरी ताकत के साथ हम लोग प्रचार प्रसार में लगेंगे अपने हक की आवाज को बुलंद करेंगे।
उनकी स्पष्ट मांग है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मीडिया की सहभागिता तय करने के लिए शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन में पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कोटा फिक्स किया जाए। साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग और सरकार से आग्रह किया है कि प्रेस काउंसिल मान्यता प्राप्त, राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एवं अधिमान्यता प्राप्त एवं 30 वर्षों से पत्रकारिता करनें वाले अनुभवी सीनियर सिटीजन पत्रकारों का नाम शिक्षक एवं स्नातक वोटर लिस्ट में जोड़ा जाए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उनके मैदान में उतरने से वाराणसी स्नातक का चुनाव बेहद दिलचस्प हो गया है। फिलहाल वाराणसी समेत आसपास के जिलों के स्नातक मतदाताओं में उनके नाम को लेकर चर्चा तेज है और समर्थकों में भारी उत्साह है।
















