*एटा तहसील में रिश्वत काण्ड में सस्पेंशन के नाम सीधा बचाओ*
*घूषखोर को कौन बचा रहा किसका है संरक्षण*
एटा- तेज-तर्रार जिलाधिकारी एटा भ्रष्टाचार अधिनियम धरातल पर हवा-हवाई है, लेखपाल जुगेंद्र का दो हजार की घूस के अतिरिक्त पांच सौ रुपए वेबाग हो कर सीधे तौर पर अवैध धन संचय करने का वीडियो वायरल होने के बाद उपजिलाधिकारी सदर ने कार्यवाही के नाम पर लेखपाल जुगेंद्र से अटेची लेकर सत्ताधारी नेता के कहने पर जेल भेजने के स्थान पर मान्ढवाड़ी हो गई, अगर एंटी करैप्शन की टीम से कार्यवाही चलती तो लेखपाल लोहे की सलाखों के पीछे पेशकार राजकुमार तहसील एटा की तरह पहुंच गए होते अलंकार उपजिलाधिकारी सदर एटा ने दो सौ रुपए के लेन देन में तहसील के वावू को जेल भेजवा दिया था, यहां कार्यवाही के नाम पर जनता जनार्दन लोली पोप चुसाया जा रहा है, वास्तविक रूप से तहसील में बड़े पैमाने का भ्रष्टाचार चरम सीमा पार कर चुका है, उपजिलाधिकारी से जांच के नाम पर अटेची की माढवाली का खेला हो जा रहा है,
*तहसील एवं थाने और अस्पताल का भ्रष्टाचार खत्म कब होगा*
योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार खत्म करने में पूर्ण रूप से फेल हो गई, तहसील स्तर पर कर्मचारियों में घूस के प्रति मानोवल सातवें आसमान पर पहुंच गया है, ये ही हाल थानें और अस्पताल के साथ सभी विभागों की तरफ दोड़ लगा रहा है, योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री की दोड लगाने में जितनी दिलचस्पी दिखाई चूंकि सरकारी कार्यालयों से भ्रष्टाचार खत्म करने पर दिखाते तो शायद आईना कुछ और दिखता है, पंजाब सरकार में आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाकर भ्रष्टाचार पर चोट करते हुए आई जी पुलिस को जेल भेजवा कर जनता को साफ संदेश दे दिया है, अंगूठा छाप मुख्यमंत्री कुछ सीख लो कविता पाठ करने वाले पंजाब मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मैदान में उतर गए हैं
















