*70 फीट गहरे कुएं में गिरे श्वान का कैस्पर्स होम की मदद से रेस्क्यू*
*जगदीश पुरा स्थित गढ़ी भदौरिया में तीन वर्ष पहले लइसी कुएं में गिरने से हुई थी एक बच्चे की मौत, अब तक नहीं ढका गया कुआं, स्थानीय लोगों में नाराजगी*
आगरा। गढ़ी भदौरिया, जगदीश पुरा में खुले और गहरे कुएं में गिरने से एक श्वान की जान खतरे में पड़ गई। करीब 70 फीट गहरे कुएं में गिरे कुत्ते को स्थानीय युवक अरुण ने अपनी जान जोखिम में डालकर व कैस्पर्स होम की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। कैस्पर्स होम की संचालिका विनीता अरोड़ा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले भी इसी कुएं से ‘परी’ नाम की श्वान का रेस्क्यू किया गया था। परन्तु अब तक कुएं को ढका नहीं गया है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लगभग तीन वर्ष पहले एक बच्चे की कुएं गिरने से मौत गई थी। एक महिला ने भी कुएं में गिरकर आत्महत्या की। आए दिन दुर्घचनाएं होती रहती हैं। घटना के बाद भी मौके पर पार्षद तक नहीं पहुंचे। कैस्पर्स होम द्वारा उन्हें फोन कर घटना स्थल पर बुलाया और समस्या से अवगत कराया गया।
स्थानीय निवासियों की शिकायत के बाद रेस्क्यू के लिए प्रशासन और फायर विभाग को सूचना दी गई। फायर विभाग में कुएं के अंदर जाकर रेस्क्यू करने के लिए उपयुक्त युवा कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने के कारण अभियान में दिक्कत आई। ऐसे में स्थानीय निवासी अरुण ने साहस दिखाया और खुद कुएं के अंदर उतरने का निर्णय लिया। अरुण करीब 70 फीट गहरे कुएं में उतरे और काफी प्रयास के बाद कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाल लाए। रेस्क्यू के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुटी रही और सभी अरुण के सुरक्षित बाहर आने तथा कुत्ते की जान बचने की प्रार्थना करते रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कुआं लंबे समय से खुला पड़ा है। करीब तीन साल पहले भी इसी स्थान से ‘परी’ का रेस्क्यू किया गया था। उस समय भी कुएं को ढकने की मांग उठी थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते कुएं को सुरक्षित तरीके से बंद या ढक दिया जाता तो दोबारा ऐसी घटना नहीं होती। लोगों ने पार्षदों के समक्ष अपनी समस्या रखने और नगर निगम का ध्यान इस ओर आकर्षित करने के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई। खुले कुएं और आसपास के नाले के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। नगर निगम से मांग की है कि कुएं को तत्काल ढकवाया जाए और आसपास के खुले व खतरनाक स्थानों का भी सर्वे कराकर उन्हें सुरक्षित कराया जाए।
















