*कक्षा 9 की छात्रा की संदिग्ध मौत पर वाल्मीकि समाज का हंगामा*
आगरा। कक्षा 9 की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद आगरा में मामला गरमा गया है। छात्रा के पोस्टमार्टम के दौरान वाल्मीकि समाज के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ पहुंचकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की और छात्रा के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। बताया जा रहा है कि कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्रा 28 अगस्त को घर से खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं पहुंची। बेटी के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसी दिन थाना छत्ता में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के मुताबिक, छात्रा के घर से निकलने के करीब तीन दिन बाद पुलिस उनके घर पहुंची और छात्रा के साथ एक्सीडेंट होने की जानकारी दी। इसके बाद मामले को लेकर परिवार और समाज के लोगों के बीच कई सवाल खड़े हो गए। अब छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद परिजन और वाल्मीकि समाज पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग कर रहे हैं। पोस्टमार्टम गृह पर बड़ी संख्या में वाल्मीकि समाज के लोग एकत्र हुए। लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश जताया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छात्रा के घर से निकलने से लेकर उसकी मौत तक के पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए। छात्रा आखिर किन परिस्थितियों में दुर्घटना का शिकार हुई और उसकी मौत के पीछे वास्तविक वजह क्या रही, इन सभी सवालों का जवाब जांच के बाद सामने आना चाहिए। वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। समाज के लोगों का आरोप है कि छात्रा की गुमशुदगी के 11 दिन बाद भी मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समाज में आक्रोश बढ़ता गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वाल्मीकि समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। वहीं पीड़ित परिवार बेटी की मौत की वास्तविक वजह सामने आने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। फिलहाल छात्रा की मौत के वास्तविक कारण और पूरे घटनाक्रम की तस्वीर पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। मामला अब पुलिस के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है और परिवार के साथ-साथ वाल्मीकि समाज की नजर भी जांच की दिशा और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है













