*नागरिक सुरक्षा कोर में 100 से अधिक स्वयंसेवक शामिल*

*आपदा एवं आकस्मिक परिस्थितियों में आमजन की सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों को किया जाता है प्रशिक्षित*
*आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण-जिलाधिकारी*
एटा, 08 सितम्बर 2026। नियंत्रक/जिलाधिकारी एटा अरविन्द सिंह के निर्देशन में जनपद में नवसृजित नागरिक सुरक्षा कोर को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नागरिक सुरक्षा कोर एटा का विस्तार किया है। नियंत्रक/जिलाधिकारी एटा अरविन्द सिंह ने नागरिक सुरक्षा कोर एटा में भर्ती हेतु स्वयंसेवकों के आवेदन पत्रों के पुलिस सत्यापन के बाद पात्र एवं उपयुक्त पाए गए 100 नए स्वयंसेवकों की नागरिक सुरक्षा कोर एटा में नियुक्ति का अनुमोदन किया है। । इसके साथ ही मुख्य वार्डन एवं उप मुख्य वार्डन के रूप में दयानन्द श्रीवास्तव एवं शिवम कुमार की स्वैच्छिक नियुक्त का अनुमोदन भी प्रदान किया है।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़, भूकंप, युद्ध, दैवीय आपदा तथा अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा एवं राहत कार्यों के लिए जिला स्तर पर नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के लिए तैयार किया गया है। विशेष परिस्थितियों में प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने में इन स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं एवं कठिन परिस्थितियों में आमजन की सहायता, सुरक्षा तथा तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाता है। आपात स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन के सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए प्रभावित लोगों तक त्वरित सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
वर्तमान में नागरिक सुरक्षा कोर एटा में 234 स्वयंसेवक नियुक्त है जो आपात परिस्थितियों में अपनी सेवाएं देने के लिए सदैव तत्पर हैं। स्वयंसेवकों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर उन्हें बाढ़, भूकंप, आगजनी, दुर्घटना एवं अन्य आपदा परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। उप नियंत्रक/उप जिलाधिकारी अनवर राशिद फारूखी ने बताया कि स्वयंसेवकों को विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। साथ ही विशेष प्रशिक्षण के लिए स्वयंसेवकों को लखनऊ भेजा जाना है, जिससे वे आधुनिक आपदा प्रबंधन तकनीकों एवं राहत-बचाव कार्यों में और अधिक दक्ष हो सकें। उन्होंने बताया कि नागरिक सुरक्षा कोर का उद्देश्य प्रशासन और आमजन के बीच प्रभावी सहयोग एवं समन्वय स्थापित करते हुए आपदा की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशिक्षित स्वयंसेवक आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। जिला सूचना कार्यालय एटा 👆













