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खारे पानी से प्रभावित गांवों को सतही जल योजना से जोड़ने की पहल, रिपोर्ट डॉ अभिषेक तोमर

*खारे पानी से प्रभावित गांवों को सतही जल योजना से जोड़ने की पहल*

 

*नहर के माध्यम से मीठा पानी पहुंचाने के प्रस्ताव पर तेजी से तैयार होगी कार्ययोजना*

 

*जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने दिए विशेष प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश*

 

एटा, 08 सितम्बर 2026।

जनपद एटा के खारे पानी से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह द्वारा गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ने अपने शिविर कार्यालय पर अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर खारे पानी से प्रभावित गांवों को सतही जल योजना से आच्छादित किए जाने तथा नहर के माध्यम से ग्रामीणों को मीठा पानी उपलब्ध कराने की संभावनाओं की समीक्षा की।

 

बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) अमन यादव द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के खारे पानी से प्रभावित क्षेत्रों में नहर के माध्यम से क्लियर वाटर रिसोर्स उपलब्ध कराकर ग्रामीणों को सतही जल योजना के अंतर्गत शुद्ध एवं मीठा पेयजल उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए विकासखंड जलेसर में लगभग 800 किलोलीटर, विकासखंड अवागढ़ में लगभग 850 किलोलीटर तथा निधौली कला क्षेत्र में लगभग 200 किलोलीटर के सीडब्ल्यूआर के माध्यम से जलापूर्ति की संभावनाओं का परीक्षण किया गया है।

 

जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने निर्देश दिए कि उक्त प्रस्ताव का तकनीकी एवं व्यावहारिक परीक्षण करते हुए विशेष कार्ययोजना एवं विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि परियोजना को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि खारे पानी की समस्या से प्रभावित ग्रामीणों को स्थायी राहत उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए उपलब्ध जल स्रोतों का बेहतर उपयोग करते हुए ऐसी योजना तैयार की जाए, जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ एवं मीठा पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

 

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रस्ताव तैयार करते समय परियोजना की व्यवहार्यता, जल स्रोत, आवश्यक पाइपलाइन/इन्फ्रास्ट्रक्चर, कवरेज क्षेत्र एवं संभावित लागत सहित सभी आवश्यक बिंदुओं का समावेश किया जाए, जिससे शासन स्तर से परियोजना की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।

 

उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से खारे पानी की समस्या से प्रभावित ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी तथा उन्हें पेयजल के लिए वैकल्पिक एवं सुरक्षित जल स्रोत उपलब्ध हो सकेगा।

 

बैठक में जल निगम ग्रामीण के सहायक अभियंता निखिल कुमार, जिला समन्वयक दिवाकर सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर सुधाकांत विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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