*पेशी पर आया हिस्ट्रीशीटर जिम्मी चौधरी अचानक गिरा, अस्पताल पहुंचते ही मौत*
*ताजगंज फायरिंग केस में था जेल में बंद, दीवानी परिसर में बिगड़ी तबीयत, पुलिस आनन-फानन में अस्पताल ले गई, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज*
आगरा। जिला जेल से पेशी के लिए दीवानी परिसर लाए गए सिकंदरा थाने के हिस्ट्रीशीटर जिम्मी चौधरी की मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। दीवानी परिसर में हालत बिगड़ने के बाद पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। जिम्मी चौधरी वर्तमान में ताजगंज थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग के मामले में जिला जेल में बंद था। अचानक हुई इस मौत से पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह क्या थी, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दीवानी परिसर में जिम्मी की तबीयत अचानक किन परिस्थितियों में बिगड़ी।मंगलवार को जिला जेल से अन्य बंदियों की तरह जिम्मी चौधरी को भी न्यायालय में पेशी के लिए दीवानी परिसर लाया गया था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मी चौधरी का नाम आगरा के आपराधिक रिकॉर्ड में लंबे समय से दर्ज रहा है। वह सिकंदरा थाने का हिस्ट्रीशीटर था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ अलग-अलग समय में कई मुकदमे दर्ज रहे हैं। उसका नाम फायरिंग, मारपीट, धमकी और दबंगई जैसे मामलों में सामने आता रहा। उसकी आपराधिक गतिविधियों के चलते वह कई बार पुलिस कार्रवाई और जेल जाने के कारण सुर्खियों में रहा। यही वजह है कि पेशी के दौरान उसकी अचानक मौत की खबर सामने आते ही पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई।
जिम्मी चौधरी वर्ष 2019 में हवाई फायरिंग के एक वायरल वीडियो को लेकर खासा चर्चित हुआ था। बताया गया था कि जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने कथित तौर पर जमानत मिलने की खुशी में हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई और पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इससे पहले भी जिम्मी के फायरिंग और मारपीट से जुड़े वीडियो सामने आने की बात कही गई थी। वर्ष 2023 में सिकंदरा क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-11 में भी जिम्मी चौधरी का नाम एक विवाद के कारण सामने आया था। आरोप था कि उसने एक दुकान से सामान लिया, लेकिन रुपये नहीं दिए। दुकानदार के बेटे ने जब सामान के पैसे मांगे तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। आरोप के मुताबिक, अगले दिन जिम्मी अपने कुछ साथियों के साथ दुकान पर पहुंचा। वहां विवाद बढ़ने के बाद मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ जमा हो गई और लोगों ने जिम्मी को पकड़ लिया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया था। दुकानदार की ओर से यह आरोप भी लगाया गया था कि जेल से बाहर आने के बाद जिम्मी ने उसे हत्या की धमकी दी थी। जिम्मी चौधरी का आपराधिक इतिहास अलग-अलग घटनाओं के कारण चर्चा में रहा। कभी जमानत के बाद कथित हवाई फायरिंग का वीडियो वायरल हुआ तो कभी दुकान पर विवाद और मारपीट के मामले में भीड़ द्वारा पकड़े जाने की घटना सामने आई। अब ताजगंज क्षेत्र के फायरिंग मामले में जेल में बंद जिम्मी चौधरी की दीवानी परिसर में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल पुलिस मौत को लेकर किसी तरह की आशंका या निष्कर्ष सामने नहीं रख रही है। पुलिस के लिए अब सबसे अहम सवाल जिम्मी चौधरी की मौत की वजह जानना है। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत कैसे हुई, इसका जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।












