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115 वर्षों बाद मेला श्री दाऊजी महाराज में गूंजेगा राजा दयाराम और राजा महेंद्र प्रताप सिंह का गौरवगान, 21 सितंबर को होगा विशेष सरकारी आयोजन, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

ऐतिहासिक निर्णय: 115 वर्षों बाद मेला श्री दाऊजी महाराज में गूंजेगा राजा दयाराम और राजा महेंद्र प्रताप सिंह का गौरवगान, 21 सितंबर को होगा विशेष सरकारी आयोजन

 

हाथरस। आखिरकार लंबे समय के इंतजार के बाद जिला प्रशासन ने हाथरस के गौरवशाली इतिहास को सम्मान दे ही दिया। 115वें प्रसिद्ध मेला श्री दाऊजी महाराज में जाट शिरोमणि वीर राजा दयाराम एवं उनके सुपुत्र, महान स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह की स्मृति में आगामी 21 सितंबर 2026 को एक विशेष सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

गौरतलब है कि अंग्रेजों से डटकर लोहा लेने वाले राजा दयाराम की ही ऐतिहासिक भूमि पर पिछले 115 वर्षों से मेला श्री दाऊजी महाराज का आयोजन होता आ रहा है। इसके बावजूद, इतने दशकों तक मेले की आयोजन समिति और तत्कालीन प्रशासन ने इस महान विरासत को उचित तवज्जो नहीं दी। इस उपेक्षा को लेकर स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार और वरिष्ठ अधिवक्ता राजपाल सिंह दिशवार ने लगातार आवाज उठाई और अपनी वेदना व्यक्त की।

जब यह बात वर्तमान सुयोग्य जिलाधिकारी (DM) अतुल वत्स के संज्ञान में आई, तो उन्होंने इसे अत्यंत गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत प्रभाव से निर्णय लेते हुए अपनी देखरेख में 21 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम कराने की घोषणा की। इस ऐतिहासिक आयोजन का संयोजक उपजिलाधिकारी (SDM) हाथरस को बनाया गया है। स्मृति कार्यक्रम की मुख्य बातें: * आयोजन स्थल: श्री दाऊजी महाराज मेला पंडाल, हाथरसेश * दिनांक: 21 सितंबर 2026* मुख्य उद्देश्य: नई पीढ़ी को हाथरस के गौरवशाली इतिहास, राजा दयाराम के अभूतपूर्व संघर्ष और राजा महेंद्र प्रताप सिंह के राष्ट्रप्रेम व त्याग से परिचित कराना।

प्रशासन द्वारा मेला पंडाल में इस भव्य सरकारी कार्यक्रम की तैयारियां तेजी से शुरू कर दी गई हैं। हाथरस की जनता और बुद्धिजीवियों ने जिलाधिकारी के इस कदम को क्षेत्र की संस्कृति, इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं सराहनीय पहल बताया है।

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