ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या पर इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) का आधिकारिक बयान
ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र एक बार पुनः भीषण जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण तथ्य यह है कि पिछले कई वर्षों से प्रत्येक वर्ष मानसून से पूर्व यह आश्वासन दिया जाता रहा है कि इस बार जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं होगी, किंतु हर बार की भाँति सभी दावे एवं आश्वासन धरातल पर पूरी तरह विफल सिद्ध हुए हैं। करोड़ों रुपये व्यय किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई ठोस सुधार दिखाई नहीं देता।
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) ने वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पूर्व एवं उसके दौरान भी गौतमबुद्ध नगर औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को अनेक बार लिखित एवं मौखिक रूप से आग्रह किया था कि संभावित जलभराव को देखते हुए पर्याप्त संख्या में उच्च क्षमता वाले डी-वॉटरिंग पंपों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा होने पर तत्काल जल निकासी की जा सके। खेद का विषय है कि एसोसिएशन के इस सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया गया और आज भी स्थिति यथावत बनी हुई है।
उद्योग केंद्र-2, ईकोटेक-3 की स्थिति सर्वाधिक चिंताजनक है। इस पूरे क्षेत्र में जल निकासी की कोई प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
रिवर इंजीनियरिंग की ओर से आने वाले मार्ग पर आरसीसी ड्रेन निर्माण तथा सड़क के ढाल की वर्तमान स्थिति के कारण पानी उस दिशा में प्रवाहित नहीं हो सकता। दूसरी ओर पुलिस लाइन की दिशा में स्थित नाला पहले से ही अवरुद्ध एवं ओवरफ्लो है, जिसके कारण पुलिस लाइन परिसर स्वयं जलमग्न है। ऐसी स्थिति में उद्योग केंद्र-2 से वर्षाजल की निकासी का कोई व्यवहारिक मार्ग उपलब्ध नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि जब जल निकासी का कोई समुचित माध्यम ही उपलब्ध नहीं है, तो डीएससी रोड पर निर्मित बड़े नालों अथवा कल्वर्ट तक उद्योग केंद्र-2 का पानी आखिर पहुँचेगा कैसे?
परिणामस्वरूप अनेक औद्योगिक इकाइयों में पानी प्रवेश कर चुका है। मशीनरी, कच्चा माल, तैयार उत्पाद तथा अन्य परिसंपत्तियाँ प्रभावित हुई हैं, जिससे उद्यमियों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
यह अत्यंत आश्चर्यजनक एवं चिंताजनक है कि गौतमबुद्ध नगर के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-3, जहाँ लगभग 1650 से अधिक औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं, वहाँ संपूर्ण क्षेत्र की जल निकासी मात्र दो छोटे क्षमता वाले पंपों के माध्यम से करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यवस्था न केवल अपर्याप्त है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता का भी स्पष्ट उदाहरण है।
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन की स्पष्ट मांग है कि तत्काल प्रभाव से कम से कम 10 से 15 उच्च क्षमता वाले डी-वॉटरिंग पंप लगाए जाएँ तथा स्थायी समाधान के रूप में वैज्ञानिक आधार पर समुचित जल निकासी प्रणाली, आरसीसी ड्रेनेज नेटवर्क एवं आवश्यक अवसंरचना का निर्माण कराया जाए।
यह भी अत्यंत विडंबनापूर्ण है कि एक ओर प्राधिकरण उद्यमियों से लीज़ रेंट, ब्याज, ट्रांसफर शुल्क एवं अन्य सभी देयकों की वसूली पूरी कठोरता के साथ करता है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत औद्योगिक सुविधाओं के प्रति उसका रवैया अत्यंत निराशाजनक है। जब उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तब केवल राजस्व वसूली पर केंद्रित व्यवस्था स्वीकार्य नहीं हो सकती।
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) स्पष्ट रूप से घोषणा करती है कि इस बार जिन उद्यमियों की औद्योगिक इकाइयों में जलभराव के कारण आर्थिक क्षति हुई है, वे अपने नुकसान का विधिवत आकलन कर उसका दावा गौतमबुद्ध नगर औद्योगिक विकास प्राधिकरण को प्रस्तुत करेंगे तथा क्षतिपूर्ति की मांग करेंगे।
यदि प्राधिकरण इस गंभीर विषय पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं करता है, तो इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन समस्त उद्यमियों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। प्रत्येक वर्ष प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा केवल उद्यमियों को भुगतना पड़े, यह किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब समय आश्वासनों का नहीं, उत्तरदायित्व निभाने का है। ईकोटेक-3 के उद्योगों, निवेश, रोजगार और उद्यमियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना गौतमबुद्ध नगर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की वैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है।














