रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ सोनभद्र)
- छठ घाट पर चेतावनी बोर्ड व बैरिकेडिंग कराने के निर्देश, नदी किनारे नहीं जाने की अपील
चोपन। सोन नदी में लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर मंगलवार को उपजिलाधिकारी ओबरा रवि कुमार ने चोपन क्षेत्र में सोन नदी के तटवर्ती इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने नदी के जलस्तर की स्थिति का अवलोकन करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एसडीएम रवि कुमार ने सोन नदी में पानी के जलस्तर की निगरानी के लिए लगाए गए माप गेज का अवलोकन किया तथा जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने से पहले आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। एसडीएम ने छठ घाट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चोपन नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह को छठ घाट एवं नदी के आसपास सुरक्षा की दृष्टि से चेतावनी बोर्ड लगाने तथा आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग कराने का निर्देश दिया, ताकि बढ़ते जलस्तर के बीच लोग नदी के गहरे पानी में जाने से बच सकें। उन्होंने अधिकारियों को घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने तथा लोगों को लगातार जागरूक करने के निर्देश भी दिए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए एसडीएम रवि कुमार ने अपील की कि सोन नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नदी के किनारे अथवा पानी के पास अनावश्यक रूप से न जाएं। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का बहाव भी तेज हो सकता है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। उन्होंने बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से नदी से दूर रखने की अपील की। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी किए जाने की बात कही गई है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी अपील की कि यदि नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि अथवा किसी प्रकार की असामान्य स्थिति दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अधिकारी चोपन अखिलेश सिंह, थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल गुप्ता, क्षेत्रीय लेखपाल अम्बुज पांडेय, लेखपाल अमित सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रशासन की सक्रियता के बाद तटवर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी और बढ़ा दी गई है।













