*उत्तर प्रदेश: पावर कार्पोरेशन संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को पुलिस ने बुलाया, 2022 के समझौते के अनुपालन पर सवाल*
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा बुलाए जाने की खबर सामने आई है। समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि 2022 में ऊर्जा मंत्री की मध्यस्थता में हुए समझौते का प्रबंधन द्वारा पूर्ण अनुपालन नहीं किया गया है।
समिति के अनुसार, 2022 में माननीय ऊर्जा मंत्री की मध्यस्थता में संघर्ष समिति और पावर कॉरपोरेशन के उच्च अधिकारियों/प्रबंधन के बीच एक समझौता हुआ था। इस समझौते में मुकदमों के बहिष्कार के दौरान दर्ज कुछ मामलों को वापस लेने की सहमति भी शामिल थी। समिति का दावा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों द्वारा इस समझौते और संबंधित आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया।
इस बीच, संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को पुलिस ने बुलाया है। समिति के पक्ष से यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह कोई सोची-समझी रणनीति है। साथ ही, दिवेंदर पांडे के ऊपर एज वार (55 वर्ष की आयु सीमा) के कारण नौकरी पर संकट के आरोप भी लगाए गए हैं। समिति के कुछ सदस्यों का कहना है कि ये घटनाक्रम एक सुनियोजित साजिश के तहत हो रहे हैं, जिसका उद्देश्य ऊर्जा मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार की छवि खराब करना हो सकता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय बताया है।
ये आरोप संघर्ष समिति के पक्ष से लगाए गए हैं। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन, पुलिस या ऊर्जा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। 2022 के समझौते के अनुपालन, मुकदमों की स्थिति और वर्तमान पुलिस कार्रवाई की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से होना शेष है।
स्थिति की निगरानी जारी है। दोनों पक्षों से आधिकारिक बयान आने पर आगे की जानकारी दी जाएगी। खैर
युद्ध अभी शेष है
*अविजित आनन्द संपादक विस्पर आफ अन्टोल्ड हिन्दी अंग्रेजी मासिक पत्रिका/ समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र लखनऊ*
*चन्द्रशेखर सिंह प्रबंध संपादक समय का उपभोक्ता राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र*













