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सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अनुपम दुबे समेत तीन की कुर्क संपत्तियां होंगी रिलीजBMF News

**सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अनुपम दुबे समेत तीन की कुर्क संपत्तियां होंगी रिलीज**

 

–गैंगस्टर मामले में प्रशासन ने की थी करोड़ों की संपत्ति कुर्क

–शिवप्रताप सिंह चीनू की करीब 10 करोड़ और अनुपम दुबे की 9.83 करोड़ की संपत्ति शामिल

 

फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज गैंगस्टर के मामले में माफिया डॉ. अनुपम दुबे और अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चीनू को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन को दोनों के साथ बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव स्व. संजीव पारिया की कुर्क की गई संपत्तियां भी रिलीज करनी होंगी। संजीव पारिया के स्कूलों को प्रशासन पहले ही कुर्की से मुक्त कर चुका है।

फतेहगढ़ कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक हरिश्याम ने 13 फरवरी 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मोहल्ला कसरट्टा निवासी डॉ. अनुपम दुबे, सोता बहादुरपुर निवासी अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चीनू और कैंट क्षेत्र के बंगला नंबर दस निवासी संजीव पारिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद संजीव पारिया और शिवप्रताप सिंह को जेल भेजा गया था। पुलिस ने मामले में आरोपितों की संपत्तियां कुर्क कर उन पर प्रशासक नियुक्त किए जाने के बोर्ड लगवा दिए थे। पुलिस के अनुसार डॉ. अनुपम दुबे की करीब 9.83 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी। वहीं अधिवक्ता शिवप्रताप सिंह चीनू के मुताबिक, प्रशासन ने अमेठी कोहना स्थित उनका प्लॉट, पांच बसें, चार ट्रैक्टर और चार बाइक समेत करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। इसी तरह स्व. संजीव पारिया की फतेहगढ़ के लोको रोड, कमालगंज और कन्नौज स्थित स्कूलों के अलावा सिविल लाइंस का प्लॉट, इमामबाड़े के पास प्लॉट व दुकानें तथा गल्ला मंडी की दुकानों समेत करीब 86 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई थी। इनमें से उनके स्कूलों को प्रशासन पहले ही रिलीज कर चुका है।

 

!!17 अगस्त को हाईकोर्ट से भी मिली थी राहत!!

 

मामले में 17 अगस्त को हाईकोर्ट से भी राहत मिली थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की की कार्रवाई को लेकर प्रशासन के सामने संपत्तियों को रिलीज करने की स्थिति बन गई है। इससे डॉ. अनुपम दुबे, शिवप्रताप सिंह चीनू और स्व. संजीव पारिया के परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। डॉ. अनुपम दुबे मथुरा जेल में इंस्पेक्टर रामनिवास हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। कन्नौज के समधन निवासी ठेकेदार शमीम की हत्या के मामले में भी उसे उम्रकैद की सजा हो चुकी है। कुछ दिन पहले वर्ष 2005 के मैनपुरी के नवीगंज दोहरे हत्याकांड में पुलिस उसे 13 दिन की रिमांड पर लेकर गई थी। इस मामले में उस पर अपने चाचा-चाची की हत्या का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गैंगस्टर मामले में की गई संपत्ति कुर्की की कार्रवाई पर जिला प्रशासन को अब आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कुर्क संपत्तियों के रिलीज होने से पुलिस-प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

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