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पैकेज्ड फूड और मोबाइल बिगाड़ रहे बच्चों का स्वास्थ्य: आगरा में आयोजित निशुल्क पीडियाट्रिक कैंप में गैस्ट्रो और लिवर की समस्याओं पर चिंता, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*पैकेज्ड फूड और मोबाइल बिगाड़ रहे बच्चों का स्वास्थ्य: आगरा में आयोजित निशुल्क पीडियाट्रिक कैंप में गैस्ट्रो और लिवर की समस्याओं पर चिंता*

 

आगरा। श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट एवं अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के सहयोग से प्रताप नगर स्थित गर्भधान संस्कार एवं मेटरनिटी होम में बच्चों के लिए निशुल्क पीडियाट्रिक मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। आगरा में पहली बार बच्चों में गैस्ट्रोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी से जुड़ी समस्याओं की जांच एवं परामर्श के लिए अपनी तरह का यह विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बाल गैस्ट्रोलॉजी एवं हेपेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अर्जुन मारिया ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

शिविर में कुल 25 बच्चों की जांच की गई। इनमें लिवर, गैस्ट्रो एवं पाचन तंत्र से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर अभिभावकों को आवश्यक चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार संबंधी सुझाव दिए गए। चिकित्सक ने बच्चों की दिनचर्या, खान-पान एवं जीवनशैली से जुड़े पहलुओं पर भी अभिभावकों को विस्तार से जागरूक किया।

डॉ. अर्जुन मारिया ने बताया कि आज बच्चों में गैस्ट्रो एवं लिवर संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जन्म से किसी गंभीर समस्या के बिना स्वस्थ बच्चों में भी आगे चलकर लिवर संबंधी परेशानियां देखने को मिल रही हैं। इसका एक बड़ा कारण बदलती जीवनशैली और खान-पान है। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में कब्ज की बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि 0 से 12 वर्ष तक के बच्चों में कब्ज की समस्या आज आम होती जा रही है। माता-पिता अनजाने में छोटी उम्र से ही बच्चों को बिस्किट, चिप्स, कुरकुरे एवं अन्य पैकेज्ड फूड आसानी से उपलब्ध करा देते हैं। इन खाद्य पदार्थों के लगातार सेवन के साथ बच्चों की शारीरिक सक्रियता भी कम हो रही है। डॉ. मारिया ने मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल को भी बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं का एक महत्वपूर्ण कारण बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण बच्चे देर रात तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठकर स्कूल जाने के लिए भागते हैं। नींद की कमी, अनियमित दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों का अभाव और असंतुलित खान-पान धीरे-धीरे पाचन संबंधी समस्याओं को जन्म देता है। पेट नियमित रूप से साफ न होने के कारण कब्ज की समस्या बढ़ती है और लंबे समय तक अनदेखी किए जाने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का रूप ले सकती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को पैकेज्ड एवं जंक फूड से दूर रखें और उनके भोजन में ताजे फल, सब्जियां, पर्याप्त पानी एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें। बच्चों की दिनचर्या में खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्याप्त नींद भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में पेट, पाचन या लिवर से जुड़ी समस्या को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर अशोक अग्रवाल एवं रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और अभिभावकों में जागरूकता के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के निशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराया जा सकें। शिविर के दौरान राजीव जैन, राजकुमार गर्ग, निधि अग्रवाल, आशीष गर्ग, ललित कुमार, नरेंद्र अग्रवाल, सचिन गोयल, संगीता जैन, राकेश अग्रवाल आदि लोग उपस्थित रहे।

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