निर्दोष पति को छुडाने हेतु पत्नी ने की मानवाधिकार आयोग में शिकायत
एटा,
जनपद एटा के थाना क्षेत्र जलेसर के ग्राम विजय निवासी हीरेश कुमारी पत्नी प्रमोद कुमार ने बताया कि दिनांक 26/7/2026 को शाम करीब 4:00 सकीट थाना पुलिस में तैनात दरोगा अब्दुल्ला और महिला कांस्टेबल खुशबू और तीन अन्य पुलिस कांस्टेबल जयपुर आए और प्रार्थीया उसके निर्दोष पति को बच्चों सहित पूछताछ के लिए उठा ले गई और पुलिस कांस्टेबल खुशबू ने प्रार्थीया को बिना बात के ही पीटा और प्रार्थीया को मारपीट कर जयपुर में उसके बच्चों के साथ छोड़कर पति प्रमोद को थाना सकीट की कहकर ले गए, जिससे उसके और उसके पति के मानवाधिकारों का भी हनन हुआ है।पता करने पर पता चला है कि उसके निर्दोष पति को थाना सकीट के दरोगा अब्दुल्ला ने थाने में पूछताछ के लिए निर्दोष पति को बैठा रखा है। कह रहे हैं कि तुम्हारा साला लड़की भगा कर ले गया है। प्रार्थीया और उसके पति का किसी भी घटना में,लड़की भागने में कोई सहयोग नहीं है। हम लोग जयपुर में सिलाई का कार्य करते हैं और जो घटना के मुख्य आरोपियों को दरोगा बचाए हुए हैं। इस घटना से पूर्व भी प्रार्थियों की इसी केस में छोटी बहन के निर्दोष पति सुनील को भी अब्दुल्ला दरोगा उठा ले गए थे। उन्हें दो दिन तक अवैध रूप से थाने में रखा।थाना क्षेत्र ग्राम लोथरा में हुई लड़कीभगाने की घटना की दरोगा जी को पूर्ण जानकारी है। और मुकद्दमा अज्ञात में लिखकर एक एक करके हम लोगों को परेशान किया जा रहा है। दरोगा अब्दुल्ला असली मुलजिमानो को न पकड़कर हम लोगों को परेशान कर रहे हैं। पीड़ित ने दरोगा जी पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें परेशान कर रहा है। हीरेश कुमारी ने अपने निर्दोष पति को छुड़ाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के सामने अपनी बात रखी, लेकिन वह संतुष्ट नहीं हुई, तब उसने उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी,प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, जिला अध्यक्ष भाजपा, विधायक सदर एटा के यहां पंजीकृत डाक से शिकायत की है पीड़िता का कहना है कि जो दोषी हो उन्हें पुलिस पकड़े मेरे निर्दोष पति को छोड़ दे और मेरे रिश्तेदारों को परेशान ना करें।








