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आगरा की इस सनसनीखेज खबर ने पूरे देश के पतियों के कलेजे को कंपा कर रख दिया है, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

पत्नी अपने पति पर 498A और घरेलू हिंसा का केस ठोकती है, खुद को अबला और पीड़ित बताकर कोर्ट से हर महीने ₹30,000 का मेंटेनेंस वसूलती है। और फिर? उसी पति की गाढ़ी कमाई के पैसों से ओयो होटल में अपने यार के साथ आशिकी फरमाते हुए रंगे हाथों दबोची जाती है।

आगरा की इस सनसनीखेज खबर ने पूरे देश के पतियों के कलेजे को कंपा कर रख दिया है।

 

जरा उस पति के दर्द की कल्पना कीजिए। वह शख्स हर महीने खून-पसीना एक करके ₹30,000 जुटाता होगा ताकि कोर्ट के आदेश की अवमानना न हो, पुलिस उसे उठा न ले जाए। वह भूखा सो जाता होगा, अपनी इच्छाएं मार देता होगा। उसे क्या पता था कि जिस पैसे को वह अपनी बर्बाद जिंदगी का टैक्स समझकर भर रहा है, उसी पैसे से उसकी पत्नी अपने प्रेमी के साथ अय्याशी के बिल चुका रही है!

 

यह सिर्फ एक धोखा नहीं है, यह एक सीधे-साधे पुरुष की आत्मा की हत्या है।

 

1. ये कानून सुरक्षा के लिए हैं या उगाही के लिए? महिलाओं की हिफाजत के लिए बने 498A और DV एक्ट जैसे सख्त कानून आज कुछ शातिर दिमागों के लिए ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ और ‘मंथली सैलरी’ का जरिया कैसे बन गए?

2. पुरुष के आंसुओं की कीमत क्या है? अगर पति की सैलरी कम हो तो कोर्ट उसे कमा कर लाने का हुक्म देता है, चाहे उसे मजदूरी ही क्यों न करनी पड़े। लेकिन जब पत्नी उस पैसे का ऐसा घिनौना इस्तेमाल करे, तो क्या उस पुरुष को उसकी मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बदनामी का हर्जाना मिलेगा?

 

ऐसी ही कुछ चंद औरतें पूरे समाज को गंदा करती हैं। इनकी वजह से उन असली पीड़ित महिलाओं पर भी कोई भरोसा नहीं करता जो सच में न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। जब कानून का ऐसा सरेआम तमाशा बनता है, तो आम आदमी का सिस्टम से भरोसा उठ जाता है।

 

भारतीय कानून (BNSS / CRPC 125(4)) साफ कहता है कि अगर पत्नी व्यभिचार (Adultery) में है, तो वह एक ढेला भी पाने की हकदार नहीं है। उम्मीद है अदालत इस मामले में सिर्फ मेंटेनेंस बंद नहीं करेगी, बल्कि इस ब्लैकमेलिंग के खेल पर ऐसी सख्त मिसाल कायम करेगी कि दोबारा कोई कानून को अपनी अय्याशी का जरिया बनाने की हिम्मत न करे।

 

दहेज और घरेलू हिंसा के नाम पर पुरुषों का यह लीगल मर्डर अब बंद होना चाहिए!

 

आपकी इस घिनौने खेल पर क्या राय है? क्या ऐसे झूठे केस करने वालों को सीधे जेल नहीं होनी चाहिए? नीचे कमेंट में अपनी बेबाक राय दर्ज करें।

 

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