योगी सरकार का बड़ा कदम, आगरा के 161 गांवों में जापानी ‘मियावाकी’ तकनीक से उगेंगे घने जंगल, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*योगी सरकार का बड़ा कदम, आगरा के 161 गांवों में जापानी ‘मियावाकी’ तकनीक से उगेंगे घने जंगल*

 

*- 10 गुना तेजी से बढ़ेंगे पौधे, मियावाकी पद्धति से 39 हेक्टेयर भूमि पर लगेंगे 14 लाख पौधे*

 

*- आगरा मंडल में रोपे जाएंगे 1.64 करोड़ से अधिक पौधे, विकसित होंगे 7 विशिष्ट वन क्षेत्र*

 

*- पर्यावरण सुधार के साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों को मिल रहा बड़े पैमाने पर रोजगार*

 

*आगरा, 11 जुलाई।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ- साथ पर्यावरण संतुलन और हरित पट्टी (ग्रीन कवर) को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद प्रभावी अभियान चला रही है। आगरा जनपद के ग्रामीण इलाकों को ‘ऑक्सीजन हब’ में बदलने और वनों का दायरा बढ़ाने के लिए जापानी ‘मियावाकी पद्धति’ का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। मानसून के बाद पहली बारिश होते ही आगरा मंडल में रिकॉर्ड तोड़ पौधरोपण का महाअभियान शुरू होने जा रहा है।

 

*मियावाकी तकनीक से 39 हेक्टेयर भूमि होगी हरी- भरी*

इस वर्ष वन विभाग और पंचायती राज विभाग के समन्वय से आगरा जनपद के 161 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया गया है। इन गांवों की करीब 39 हेक्टेयर भूमि पर मियावाकी पद्धति से 13 से 14 लाख पौधे लगाए जाएंगे। यह जापानी तकनीक पौधों को सामान्य से 10 गुना तेजी से बढ़ती है और पारंपरिक वनों की तुलना में ये 30 गुना अधिक घने और आत्मनिर्भर होते हैं। इस परियोजना की खास बात यह है कि यह पर्यावरण सुधार के साथ- साथ स्थानीय स्तर पर ग्रामीण श्रमिकों और मनरेगा मजदूरों के लिए आजीविका का बड़ा जरिया बन रही है।

 

*पर्यावरण सुधार के साथ ग्रामीण श्रमिकों को मिल रहा रोजगार*

उपायुक्त (श्रम रोजगार) रामायण सिंह यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण को बेहतर करने के लिए मियावाकी पद्धति एक गेम- चेंजर साबित हो रही है। मनरेगा और वन विभाग के इस संयुक्त प्रयास से हम आगरा के 161 गांवों में करीब 39 हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वन विकसित कर रहे हैं। इससे न केवल हमारे ग्रामीण श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिल रहा है, बल्कि पारंपरिक देशी प्रजातियों के रोपण से भविष्य में ग्रामीणों को आर्थिक लाभ भी होगा। यह योजना पर्यावरण सुधार के साथ ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रही है।

 

*आगरा जनपद में लगेंगे सर्वाधिक 53 लाख पौधे*

ब्रज क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए आगरा मंडल में कुल 419 स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां वन विभाग के साथ अन्य विभागों के आपसी सहयोग से कुल 1.64 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके अलावा मंडल के चारों जिलों में 7 विशिष्ट वन क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। मंडल में सबसे अधिक 53,34,914 पौधे आगरा जनपद में लगाए जाने हैं। इसके बाद फिरोजाबाद में 44,13,932, मैनपुरी में 34,07,217 और मथुरा में 33,04,728 पौधे रोपे जाएंगे।

 

*27 औषधीय और फलदार पौधों पर जोर*

इस अभियान में जैव विविधता और पौधों की दीर्घायु का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके लिए नर्सरियों में ऐसे पौधे तैयार किए गए हैं जो छायादार और फलदार होने के साथ- साथ औषधीय महत्व के भी हैं। इस बार पीपल, बरगद, पाखर, नीम, अर्जुन, जामुन, सहजन, शीशम, कदंब, बेल, गूलर, महुआ और आम समेत 27 प्रकार के औषधीय पौधों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

 

आगरा वृत्त के वन संरक्षक अनिल कुमार पटेल ने बताया कि ब्रज क्षेत्र में पौधरोपण को लेकर हर जिले में लक्ष्य तय है, जिसमें मंडल में सबसे अधिक पौधे आगरा जनपद में रोपे जाएंगे। इस साल पौधरोपण में हमने जैव विविधता का पूरा ध्यान रखते हुए 27 औषधीय और दीर्घायु वाले पौधों पर अधिक जोर दिया है। चारों जिलों की नर्सरियों में पौधे पूरी तरह तैयार हैं, जो डिमांड के मुताबिक विभागों को दिए जाएंगे। इस अभियान से लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन तो मिलेगी ही, साथ ही भूजल स्तर सुधारने, जैव विविधता बचाने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

 

*आगरा मंडल के जिलों में पौधरोपण का लक्ष्य:*

 

आगरा: 53,34,914 पौधे

 

फिरोजाबाद: 44,13,932 पौधे

 

मैनपुरी: 34,07,217 पौधे

 

मथुरा: 33,04,728 पौधे

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