*आगरा में हथियारों की बड़ी खेप पकड़ी गई, लग्जरी थार में छिपाकर ले जाई जा रही थीं 11 पिस्टल*
*खेरागढ़ पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में 11 ऑटोमैटिक पिस्टल, फर्जी नंबर प्लेट और नकदी बरामद*
आगरा। आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। थाना खेरागढ़ पुलिस, एसओजी पश्चिमी जोन और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने सैफऊ बॉर्डर के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से 11 ऑटोमैटिक पिस्टल, अतिरिक्त मैगजीन, महिंद्रा थार, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं।
*मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल*
पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि दो युवक बड़ी मात्रा में अवैध हथियारों की खेप लेकर क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर खेरागढ़ पुलिस और एसओजी की टीम सक्रिय हो गई। संयुक्त टीम ने सैफऊ बॉर्डर स्थित गौशाला के आगे पुलिया के पास चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान एक संदिग्ध महिंद्रा थार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही वाहन सवारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
*तलाशी में निकला हथियारों का जखीरा*
पुलिस ने जब आरोपियों और वाहन की तलाशी ली तो थार से 11 अवैध .32 बोर ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुईं। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, 5,850 रुपये नकद और चार नंबर प्लेट भी बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि बरामद नंबर प्लेटों में दो प्लेट फर्जी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी वाहन की पहचान छिपाने के लिए इन फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल कर रहे थे या नहीं।
*हाथरस और धौलपुर के रहने वाले हैं आरोपी*
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हाथरस निवासी उदयवीर सिंह और राजस्थान के धौलपुर निवासी यश शर्मा उर्फ अन्नू के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को संदेह है कि दोनों लंबे समय से अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों से हथियार लाकर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में उनकी सप्लाई करते थे। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है।
*पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस*
पुलिस अब यह पता लगाने कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार किस राज्य से लाए गए थे और इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई को अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।









