*23 अगस्त चलो लखनऊ! कलम और संघर्ष के पहरुओं, अब जागने का वक्त आ गया है!*
भारतीय मीडिया फाउंडेशन नेशनल कोर कमेटी के संस्थापक एके बिंदुसार की कलम से —————–
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने वाले कलम के सिपाहियों और समाज को नई दिशा दिखाने वाले सामाजिक योद्धाओं, आज वक्त की पुकार है! मीडिया को आवाज को अब और नहीं दबाया जा सकता। अन्याय के खिलाफ खड़े होने वाले, सच की मशाल जलाने वाले और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बात सरकार तक पहुँचाने वाले आप सभी साथियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए अब एक निर्णायक जंग का आगाज हो चुका है।
*एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है*
“चलो लखनऊ, चलो लखनऊ!” यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि उन हजारों-लाखों पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की एकजुटता का संकल्प है जो वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे हैं। 23 अगस्त 2026 को लखनऊ की धरती पर होने वाली ‘मीडिया अधिकार महा रैली’ में आपकी भागीदारी ही मीडिया अधिकारों के दरवाजे खोलेगी।
हमारी प्रमुख माँगें, हमारा हक
यह महा रैली केवल एक भीड़ नहीं, बल्कि व्यवस्था के सामने अपनी मांगों को मजबूती से रखने का माध्यम है:
*संवैधानिक प्रतिनिधित्व:*
राज्य सभा एवं विधान परिषद में पत्रकारों के लिए कोटा फिक्स कराना हमारा अधिकार है।
*सुरक्षा का कवच:*
बिना किसी डर के कार्य करने के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ का लागू होना अनिवार्य है।
*पहचान और अधिकार:* पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की जनगणना कराकर उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मान दिलाना हमारी प्राथमिकता है।
कलम और मशाल, दोनों का मान बढ़ाना है
आप वो हैं जो समाज को आईना दिखाते हैं, फिर आज खुद के लिए आईना साफ करने से क्यों डरें? भारतीय मीडिया फाउंडेशन, नेशनल कोर कमेटी के नेतृत्व में हम सभी को एक साथ आना होगा। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस हर एक जागरूक आत्मा की है जो व्यवस्था में बदलाव चाहती है।
साथियों, लखनऊ की सड़कें आपकी दहाड़ सुनने को बेताब हैं। अपने हक के लिए उठो, अपने सम्मान के लिए चलो! याद रखिए, चुप रहने से सिर्फ शोषण बढ़ता है, लेकिन बुलंद आवाजें इतिहास लिखती हैं।
23 अगस्त 2026 को लखनऊ में मिलिए, अधिकारों की इस महा-क्रांति का हिस्सा बनिए।
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