सड़कों पर गोवंश, जिम्मेदार अधिकारी बेखबर! — अरविन्द सिंह चौहान
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एटा 2 अकटूवर । मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले गोवंश संरक्षण कार्यक्रम को जनपद में जिस तरह से अमलीजामा पहनाया जा रहा है, वह गंभीर चिंता का विषय है। आज भी जनपद की सड़कों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में गोवंश खुले में घूमता नजर आ रहा है। यह कहना है विश्व हिन्दू परिषद ब्रज प्रान्त के प्रान्त सह विशेष सम्पर्क प्रमुख अरविन्द सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि छुट्टा घूम रहे गोवंश को गौशालाओं में संरक्षित किया जाए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत दिखाई दे रही है। यदि शासन की प्राथमिकता के बावजूद गोवंश सड़कों पर घूमने को मजबूर है तो निश्चित रूप से संबंधित विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और जवाबदेही तय किए जाने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि “सरकार की योजनाएं कागजों पर दिखाई देने के बजाय धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।” सड़कों पर घूम रहे गोवंश से वाहन चालकों और आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
श्री चौहान ने कहा कि जनपद में गोवंश संरक्षण के नाम पर किए जा रहे कार्यों की वास्तविक स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा होनी चाहिए। गौशालाओं में उपलब्ध क्षमता, वहां संरक्षित गोवंश की संख्या, चारे-पानी की व्यवस्था तथा सड़कों से गोवंश को हटाकर गौशालाओं तक पहुंचाने की कार्रवाई का सत्यापन कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। सरकार की मंशा और योजनाओं की बदनामी किसी भी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं होनी चाहिए।
अरविन्द सिंह चौहान ने जिला प्रशासन से मांग की कि जनपद में विशेष अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे गोवंश को तत्काल संरक्षित किया जाए तथा इस अभियान की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही आम जनता को भी गोवंश संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़कों पर घूम रहे गोवंश की समस्या का प्रभावी समाधान नहीं किया गया तो विश्व हिन्दू परिषद इस विषय को प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही की मांग करेगा।















