*मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए किया गया जागरूक*
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*दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लाभार्थियों को बेकरी, डेयरी, मसाला उद्योग एवं मिनी तेल मिल सहित विभिन्न खाद्य उद्योगों की स्थापना की दी गई जानकारी*
*एटा, 28 अक्टूबर 2026 (सू0वि0)।* खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश के अधीन संचालित राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दिनांक 27 एवं 28 अक्टूबर 2026 को ग्राम महानमाई, विकास खंड जलेसर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान प्रतिनिधि छोटेलाल सिंह द्वारा फीता काटकर एवं मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर लाभार्थियों को प्रशिक्षण किट एवं आवश्यक स्टेशनरी सामग्री वितरित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रभारी जगदीश चंद शर्मा ने योजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। प्रशिक्षक श्री सुनील कुमार, एटा द्वारा लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी दी गई। वहीं, राजकीय फल संरक्षण केंद्र, एटा के प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में उपयोग होने वाली विभिन्न मशीनों, खाद्य पदार्थों के संरक्षण तथा स्वरोजगार के अवसरों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को जनपद में बेकरी उद्योग, डेयरी उद्योग, मसाला उद्योग, आटा चक्की एवं मिनी तेल मिल सहित विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही, उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक मशीनरी एवं उपकरणों के चयन तथा उनके उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई।
प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, मशीनरी एवं उपकरणों पर देय अनुदान तथा उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए लाभार्थियों को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
दिनांक 28 अक्टूबर 2026 को प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से लाभार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापित करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने तथा अपनी आय में वृद्धि करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।














