रिपोर्ट: एके बिन्दुसार (प्रधान संपादक)
- धनैता में जयगुरुदेव शाकाहार-सदाचार जनजागरण यात्रा का 78वाँ पड़ाव, पुष्पवर्षा और कलश यात्रा से हुआ भव्य स्वागत
मीरजापुर: जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था द्वारा संचालित ‘शाकाहार-सदाचार जनजागरण यात्रा’ अपने 78वें पड़ाव पर ग्राम धनैता (पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास) पहुँची। यात्रा के आगमन पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे, दीप प्रज्वलित कलशों और पुष्पवर्षा के साथ संत पंकज जी महाराज के काफिले का भव्य स्वागत किया।

सत्संग के मुख्य विचार:
- किराये का मकान है शरीर: महाराज जी ने कहा कि बड़े सौभाग्य से अनमोल मानव तन मिला है, लेकिन यह किराये का मकान है जिसे एक दिन खाली करना होगा। यहाँ की धन-दौलत और जायदाद यहीं छूट जाएगी, केवल गुरु कृपा और भजन ही साथ निभाएगा।
- सच्ची साधना—सुरत-शब्द योग: कलियुग में मनुष्य की घटती आयु और शारीरिक सीमाओं को देखते हुए संतों ने लोक-परलोक कल्याण के लिए ‘सुरत-शब्द योग’ (नाम-योग) का सबसे सरल मार्ग प्रशस्त किया है।
- शाकाहार और नशामुक्ति का संदेश: समाज में बढ़ते अपराध और हिंसा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अशुद्ध खान-पान से बुद्धि भ्रष्ट होती है। जाति-पाति के झगड़ों को छोड़कर मानव धर्म अपनाएं। युवा पीढ़ी को शराब व अन्य नशों से दूर रखकर चरित्रवान बनाएं।
- जयगुरुदेव नाम की महिमा: उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की घड़ी में ‘जयगुरुदेव’ नाम सच्चा मददगार साबित होगा।
उपस्थिति व आभार:
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष घूरन प्रसाद, संगठन मंत्री व प्रवक्ता मोती लाल सिंह, दिनेश चन्द्र गुप्ता, चन्द्रशेखर गुप्ता, माता प्रसाद, प्रेमनाथ सिंह, ग्राम प्रधान सरोज सिंह तथा अम्बेडकर नगर से आए सहयोगी संगत के सदस्य उपस्थित रहे। आयोजन में महंत ओम प्रकाश उपाध्याय एवं लल्लन प्रसाद उपाध्याय का विशेष सहयोग रहा।

अगला पड़ाव:
धनैता में सत्संग के उपरांत यात्रा अपने 79वें पड़ाव—शिवाजी इण्टर कॉलेज के पीछे ग्राम हासीपुर (विकास खण्ड सीखड़) के लिए रवाना हो गई, जहाँ आज प्रातः 11 बजे से सत्संग का आयोजन निर्धारित है।















