रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
- वर्षों से धूल फांक रही अल्ट्रासाउंड मशीन, मरीज परेशान
चोपन (सोनभद्र)। सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन चोपन स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति इन दावों की पोल खोल रही है। अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई वर्षों से धूल फांक रही है। मशीन उपलब्ध होने के बावजूद विशेषज्ञ चिकित्सक और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती न होने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे कि वर्तमान समय में मशीन धूल फांक रही है। वही स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगने के बाद उम्मीद जगी थी कि क्षेत्र के मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों या दूर-दराज के अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मशीन उपयोग में नहीं आ सकी, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।जानकारी के अनुसार, अस्पताल में एक्स-रे मशीन और तकनीशियन की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच नहीं होने से मरीजों को मजबूरन निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें 800 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। गर्भ में पल रहे शिशु की स्थिति की निगरानी और अन्य आवश्यक जांच के लिए अल्ट्रासाउंड अनिवार्य होता है।सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कई महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञों के पास रेफर करना पड़ता है, जिससे इलाज में देरी और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ता है। अस्पताल से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रसव से संबंधित करीब 70 से 80 प्रतिशत मामलों में अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता पड़ती है। इसके बावजूद सीएचसी में यह सुविधा वर्षों से ठप पड़ी है।सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुभाष ने बताया कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास जारी हैं और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई कर अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं नगर पंचायत चोपन के अध्यक्ष उस्मान अली ने भी इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर शीघ्र समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि चोपन एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बड़ी आबादी सीएचसी पर निर्भर है।अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधा उपलब्ध न होने से मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की तैनाती कर अल्ट्रासाउंड सेवा सुचारु रूप से शुरू कराई जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।









