WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

बरठीं-कमरौर का ओवरब्रिज एक महीने में ही खोल रहा भ्रष्टाचार की पोल: दीवार में दरारें, पुल एक तरफ झुका, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा – काटशिला चंदौली वाला ही है ठेकेदार।सह संपादक मिथिलेश कुमार मौर्य की खास रिपोर्ट।

बरठीं-कमरौर का ओवरब्रिज एक महीने में ही खोल रहा भ्रष्टाचार की पोल: दीवार में दरारें, पुल एक तरफ झुका, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा – काटशिला चंदौली वाला ही है ठेकेदार।

 

*बरठीं-कमरौर, मिर्जापुर,।

ग्राम सभा बरठीं कमरौर में पिछले कुछ महीने पहले ही बना ओवरब्रिज अपनी गुणवत्ता की सच्चाई खुद बयां कर रहा है। एक महीने के अंदर ही पुल पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त होने का सबूत दे रहा है।

पुल की दीवार फटी, एक तरफ झुका पुल:

स्थानीय लोगों के अनुसार ओवरब्रिज की साइड की दीवार पूरी तरह से फट चुकी है और पूरा पुल रोड साइड की तरफ झुक चुका है। स्थिति इतनी भयावह है कि पुल कभी भी गिर सकता है और एक बड़ा हादसा हो सकता है।

स्कूली बच्चों की जान पर खतरा:

सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुल जिस साइड में झुका है, उधर से ही गांव की आधी आबादी का आवागमन होता है। यहां तक कि प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चे रोज इसी रास्ते से होकर स्कूल जाते हैं। जिस जगह से पुल शुरू हो रहा है, वहां ठेकेदार द्वारा 10 फीट गहरा गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिसमें बरसात का पानी भरा हुआ है। बगल में आवागमन के लिए मात्र 5 फीट का रास्ता बचा है, जहां सुबह-सुबह सैकड़ों स्कूली बच्चे रुककर स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार करते हैं। ऐसे में कभी भी बच्चों के साथ अनहोनी हो सकती है।

शिकायत पर कोरमपूर्ति:

ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल कोरमपूर्ति की जा रही है। फटी दीवार को ठीक करने के लिए मात्र दो मजदूर लगाकर उसमें सीमेंट भरवाया जा रहा है, जो हादसे को रोकने के लिए नाकाफी है।

काटशिला वाला ही ठेकेदार:

आपको बता दें कि इस ओवरब्रिज का निर्माण उसी कंपनी द्वारा कराया गया है, जिसके द्वारा चंदौली के काटशिला में निर्माणाधीन पुल गिर गया था। फिर भी उसी कंपनी को यहां का ठेका दे दिया गया, जिससे कंपनी के कार्य और विभागीय मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इस पुल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा होने से रोका जा सके।

Leave a Comment