धरती माता बचाओ अभियान” के अंतर्गत कृषकों संग महत्वपूर्ण बैठक आयोजित, रिपोर्ट दयानन्द यादव

*“धरती माता बचाओ अभियान” के अंतर्गत कृषकों संग महत्वपूर्ण बैठक आयोजित*

एटा 15अप्रैल 2026 (सू0वि0)

“धरती माता बचाओ अभियान” के अंतर्गत जनपद एटा में उप कृषि निदेशक सुमित कुमार की अध्यक्षता में जिला कृषि अधिकारी कार्यालय परिसर में प्रगतिशील किसानों एवं कृषक उत्पादक संगठनों (FPO) के सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में किसानों को संबोधित करते हुए उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया कि आगामी माह मई 2026 से सभी कृषि निवेश (इनपुट) फार्मर आईडी आधारित प्रणाली के माध्यम से ही उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने सभी किसान भाइयों से अपील की कि वे शीघ्र अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

इस दौरान उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि वे केवल फार्मर आईडी के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण करें तथा निर्धारित सीमा के अंतर्गत ही उर्वरक उपलब्ध कराएं। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बोरी डीएपी एवं 7 बोरी यूरिया ही किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग हेतु प्रेरित करते हुए डीएपी के स्थान पर एनपीके एवं अन्य वैकल्पिक/प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी गई, जिससे भूमि की उर्वरता एवं उत्पादकता को दीर्घकाल तक सुरक्षित रखा जा सके।

जनपद में वर्तमान समय में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है। उपलब्धता के अनुसार लगभग 15893 मीट्रिक टन डीएपी, 12083 मीट्रिक टन यूरिया, 4081 मीट्रिक टन एनपीके एवं 10157 मीट्रिक टन पोटाश उपलब्ध है।

जिला कृषि अधिकारी डॉ0 मनवीर सिंह द्वारा समस्त उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए गए कि वे उर्वरक बिक्री के समय किसानों के अभिलेख जैसे खतौनी, जोत-बही एवं आधार कार्ड का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें तथा स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर में किसानों का पूर्ण विवरण अंकित करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसान भाई खाद एवं उर्वरक की उपलब्धता तथा अन्य संबंधित जानकारी के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, एटा के दूरभाष संख्या 05742-297086 पर संपर्क कर सकते हैं।

उक्त बैठक का उद्देश्य जनपद में उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना तथा “धरती माता बचाओ अभियान” के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य एवं कृषि उत्पादकता को संरक्षित करना है।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆

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