WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.49 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.48 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 P
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.51 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50
WhatsApp Image 2026-08-14 at 8.40.50 PM

दोस्त को थमा दिया नोटिस वकील ने अपने वकील मित्र को कानूनी पेज में फंसाया BMF News

अक्सर आपने दोस्तों के बीच पार्टी को लेकर हंसी मजाक, तनातनी, बहस बाजी, तकरार और यहां तक की तूं तूं में में भी देखी होगी, कई बार इस छोटी सी बात पर कई कई दिनों तक दोस्तों में आपस में बातचीत भी बंद देखी होगी, जो बेहद सामान्य सी बातें है, लेकिन मध्य प्रदेश के दमोह में जो हुआ वो जानकर आप हैरान रह जायेगे और शायद इससे पहले आपने ऐसा मामला न ही सुना हो. जी हां दमोह में बड़ा अजीबो गरीब मामला सामने आया है जिसे जानकर सब हैरान है.

 

मामला दमोह जिला न्यायालय में दो जाने माने अधिवक्ता गोविंद तिवारी और विशाल राजपूत है. बीते दिनों एडवोकेट गोविंद तिवारी का जन्मदिन था, जिला अधिवक्ता संघ की परम्परा के मुताबिक बार रूम में उनका जन्मदिन मनाया गया, तमाम अधिवक्ताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दी और फिर तिवारी ने अपने कुछ अजीज एडवोकेट मित्रों को पार्टी देने की बात कही. इस फेहरिस्त में उनके साथी एडवोकेट विशाल राजपूत भी थे. लेकिन विशाल के मुताबिक पार्टी का केवल आश्वासन भर मिला पार्टी नहीं मिली. जिसके बाद एक बार फिर गोविंद तिवारी पर पार्टी को लेकर मित्रों ने दबाब बनाया तो विशाल बताते हैं कि इस बार लिखित आश्वासन मिला और सबको यही उम्मीद थी कि तय तारीख में पार्टी मिलेगी. जिस दिन का वादा किया गया था उस दिन पूरे दिन उनके मित्र बेहद खुश थे जो खुशी दोस्तों के बीच होती है और इस खुशी में उन्होंने शायद जमकर काम भी किया, लेकिन विशाल बताते है कि शाम से पार्टी के लिये फोन कॉल का इंतजार करने के बाद भी उनके मित्र गोविंद तिवारी का फोन नहीं आया और आखिरकार लेट नाइट उन्होंने खाना खाया और इस वजह से उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल जाना पड़ा और इलाज में बड़ी रकम लग गई.

 

दोस्त को थमा दिया नोटिस

मामला सिर्फ शिकवा शिकायत तक नहीं रहा बल्कि ये घटना अब कोर्ट तक पहुंच गया है. दोस्तों के बीच का मामला लीगल नोटिस तक पहुंच गया. एडवोकेट विशाल ने एक अपने साथी अधिवक्ता गोविंद तिवारी को एक लीगल नोटिस भेजा है, जिसमें सारी घटना का उल्लेख करते हुए वादा खिलाफी का आरोप लगाया है और भारतीय कानून में उल्लेखित धाराओं का हवाला दिया गया है. क्षतिपूर्ति के रूप में 41 हजार 250 रुपए अदा करने की बात कही गई है. अब इस राशि पर उनका कहना है कि पार्टी न मिलने पर उन्हें रेस्टारेंट में एक हजार 750 रुपए का खाना खाना पड़ा और वो इस सब से मानसिक परेशान होकर बीमार पड़े और उन्हें अस्पताल में इलाज कराना पड़ा जिस पर 39 हजार 500 रुपए खर्च हुए है.

Leave a Comment