*जहाँ बड़े-बड़े अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए, वहाँ अर्नव सर्जिकेयर ने दिया जीवन!*
शाहजहाँपुर में इंसानियत और चिकित्सा का एक मिसाल कायम हुआ है।
*मामला क्या था?*
एक गर्भवती महिला श्रीमती *माधवी* को जब प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उन्हें लेकर शहर के कई बड़े निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल पहुंचे। जांच में महिला का –
*हीमोग्लोबिन मात्र 5 ग्राम,*
*प्लेटलेट्स मात्र 71,000*
*और RBC मात्र 1.33* मिला।
इतनी गंभीर स्थिति देखकर सभी डॉक्टरों ने सिजेरियन ऑपरेशन करने से साफ इनकार कर दिया। सभी ने कहा – _”जच्चा-बच्चा दोनों की जान को खतरा है, ये ऑपरेशन शाहजहाँपुर में नहीं हो सकता, इन्हें लखनऊ या बरेली ले जाओ।”_
परिवार पूरी तरह टूट चुका था।
*तभी मसीहा बने पत्रकार शुभम ठाकुर जी!*
पत्रकार शुभम ठाकुर जी इस पीड़ित महिला को लेकर *अर्नव सर्जिकेयर हॉस्पिटल* पहुंचे।
और फिर हुआ चमत्कार!
*आज दिनांक 03/09/2026 को प्रसिद्ध सर्जन डॉ. के. पी. गुप्ता जी* ने अपनी कुशल टीम के साथ इस असंभव को संभव कर दिखाया। हाई-रिस्क के बावजूद सफल सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।
*ईश्वर की कृपा से श्रीमती माधवी ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।*
यह सिर्फ ऑपरेशन नहीं, शाहजहाँपुर के चिकित्सा इतिहास में एक नया अध्याय है।
जहाँ सबने दरवाजा बंद कर दिया था, वहाँ अर्नव सर्जिकेयर ने जीवन का दरवाजा खोला।
> भगवान जच्चा-बच्चा पर अपनी कृपा सदैव बनाए रखें। 🙏
*स्थान: अर्नव सर्जिकेयर हॉस्पिटल, शाहजहाँपुर*
*सफल ऑपरेशन: डॉ. के. पी. गुप्ता जी की टीम द्वारा*














