किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा, मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी किसानों की शिकायतें : कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य
सर्किट हाउस में किसान समस्याओं को लेकर हुई बैठक, अधिकारियों को दिए समाधान और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश
आगरा । सर्किट हाउस में आज प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य एवं प्रतिनिधि यशपाल राणा की मौजूदगी में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसान नेताओं ने भूमि अधिग्रहण, गौशाला निर्माण, आलू भंडारण अनुदान, डीएपी खाद वितरण और नहरों की सफाई सहित कई गंभीर मुद्दे उठाए। मंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर किसानों की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी।
इनर रिंग रोड भूमि अधिग्रहण का मुद्दा उठा
किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने इनर रिंग रोड लैंड पार्सल तृतीय फेज में रोहता से जखोड़ा तक की जमीन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2008-09 में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन 17 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला और जमीन पर किसानों का ही भौतिक कब्जा है। उन्होंने मांग की कि यदि सरकार को केवल 30 मीटर सड़क बनानी है तो शेष 70 मीटर जमीन बोर्ड से प्रस्ताव पारित कराकर किसानों को वापस की जाए। इसके बाद ही सड़क निर्माण की अनुमति दी जाएगी। इस पर मंत्री एवं अधिकारियों ने नियमानुसार बोर्ड की बैठक आयोजित कर कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गौशालाओं के निर्माण में अनियमितता का आरोप
किसान नेता मुकेश पाठक ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी पांडेय पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के निर्माण के लिए 3 करोड़ 20 लाख रुपये दिए गए थे, लेकिन अछनेरा और कुरा चित्ररपुर सहित कई स्थानों पर गौशालाओं का निर्माण अधूरा होने के बावजूद विभाग ने उन्हें अपने हैंडओवर में ले लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में कमीशनखोरी और अनियमितताओं की जांच की मांग की। इस पर मंत्री ने जिलाधिकारी को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आलू किसानों को अनुदान न मिलने पर नाराज हुईं मंत्री
ताज सिटी आलू उत्पादक किसान नेता लक्ष्मी नारायण बघेल ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आगरा के किसानों को कोल्ड स्टोरेज के किराये में राहत देने के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है, लेकिन उद्यान विभाग की लापरवाही के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। उद्यान अधिकारी की अनुपस्थिति में मंत्री ने संबंधित बाबू रामू को बुलाकर कड़ी नाराजगी जताई और किसानों को 100 रुपये प्रति कुंतल का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों को लाभ न मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएपी वितरण में अनियमितताओं पर अधिकारियों को फटकार
ककुआ समिति के अध्यक्ष विष्णु चौधरी ने डीएपी खाद वितरण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खेड़ा पंचगाई उपकेंद्र पर इस वर्ष अब तक डीएपी खाद नहीं भेजी गई है। इस पर मंत्री ने डीआर आदित्य कुमार और एआर सतीश कुमार को फटकार लगाते हुए तत्काल खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि कोई सचिव 1350 रुपये से अधिक कीमत पर डीएपी बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
ओवररेटिंग पर खाद विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
आलू उत्पादक किसान नेता लाखन सिंह त्यागी ने निजी दुकानों पर डीएपी खाद निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचे जाने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जिला कृषि अधिकारी को दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को डीएपी खाद 1350 रुपये प्रति बोरी निर्धारित दर पर ही उपलब्ध कराई जाए।
नहरों की सफाई और गंदे पानी का मुद्दा भी उठा
किसान नेता सोमवीर यादव ने नहरों की सफाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नहरों में केवल घास की कटाई की जा रही है, जबकि उनमें पानी भरा हुआ है। ऐसे में सफाई कैसे होगी और किसानों के खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा? उन्होंने नहर सफाई के नाम पर हो रही अनियमितताओं को रोकने तथा टीटीएसपी से छोड़े जा रहे गंदे पानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दूषित पानी से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी, वीसी विजय कुमार, सचिव संजय कुमार, एडीएम प्रशासन बैजनाथ सिंह, एसडीएम सदर, कृषि अधिकारी विनोद कुमार, डीडी मुकेश कुमार, डीआर आदित्य कुमार दुबे, एआर सतीश कुमार, नहर विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा किसान नेता श्याम सिंह चाहर, सोमवीर यादव, नरेंद्र सिंह, महावीर चाहर, चेतन स्वरूप रावत, लक्ष्मी नारायण बघेल, मुकेश पाठक, लाखन सिंह त्यागी, विजय शर्मा, रामप्रकाश सिंह, कुलदीप रावत, विजेंद्र सिंह, विनोद कुमार, लाखन सिंह, विश्वंभर सिंह, विनोद शुक्ला, विष्णु चौधरी, नरेंद्र सैनी सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।














