*एटा की सियासत मे आतिशी धरने के बाद भागमभाग!👇*
शासन के निर्देशों के अनुपालन मे जनपद एटा जिलाधिकारी द्वारा दीपावली को लेकर आतिशवाजी की दुकानों के आवंटन को लेकर दुकानदारों द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय पर दो दिन धरना होने के बाद आवेदक सदर विधायक व मारहरा विधायक तक अपनी फरियाद रखते रहे है.किन्तु जिला प्रशासन द्वारा एक दम साफ स्पष्ट संकेत दिए है कि 50 दुकानों से ऊपर एक भी दुकान का आवंटन नहीं किया जायेगा, कहने का अर्थ है कि 50 दुकानों के लक्की ड्रॉ से आये हुए नामों को दुकाने सैनिक छावनी मे दी जाएगी.
इधर एटा सदर तहसील मे करीब 253 फार्म (आवेदन) जमा हो चुके है.इन सभी फार्मो मे से कुल 50 ही लक्की ड्रॉ. द्वारा निकाले गए है …
*महत्वपूर्ण 👇विषय 👇*
Sdm एटा द्वारा अन्य 50 आवेदको के नाम की पर्ची भी निकाली गई है जिन्हे नई दुकाने दी जाएगी. किन्तु सबसे बड़ा सवाल यह है कि ज़ब सदर एटा पर मात्र तीन ही फायर ट्रेंडर है जिनमे से दो फायर टेंडर पर एक 50 दुकानों का क्लस्टर ठेकेदारी द्वारा जारी हो चूका है.
*शासन का नियम ताक पर रखा जायेगा क्या 👇*
बाकी 50 दुकानों के अस्वासन के लिए दो फायर टेडर कहा से लाये जायेगे क्योंकि एक बचा हुआ फायर टेंडर शासन की मंशा के अनुसार रिजर्व रखा ही जाता है. क्या नियम विरुद्ध होकर जिला प्रशासन एक रिजर्व फायर टेंडर को भी दीपावली की भेंट चढ़ा देगा. अगर जनपद एटा मे कही किसी भी तरह की अनहोनी होती है तो फिर फायर टेंडर कहा से लाया जायेगा और पहुंचेगा.
तहसील एटा सदर मे SDM स्वेता सिंह एवं CO कृतिका सिंह व तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय की देख- रेख मे लक्की ड्रॉ बेहद गोपनीय तरीके से रखी गई और यह प्रक्रिया साफ तरीके से सभी आवेदको के सामने की गई।
*NOTE 👇*
अब इस पूरी प्रक्रिया मे यह साफ हो चूका है कि आम नागरिक जो अब तक पटाको की दुकानों से कुछ कमा लेते थे और अपने परिवार के लिए दीपावली त्यौहार कर लेते थे लेकिन इस बर्ष के इस खेल मे सख्त निर्देश संभबतय शासन ने जारी किये होंगे किन्तु जिला स्तर पर कई निर्णय जिलाधिकारी के विवेक पर निर्धारित किये जाते रहे है क्योंकि जिलाधिकारी के अधीन कई निर्णय सुरक्षित रहते है किन्तु यह पूरा खेल बीजेपी के जनादेश और जनाधार को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. अगर संख्या नहीं बढ़ाई गई तो यह असर चुनाव तक पड़ेगा ही. निश्चित रूप से यह जिलाधिकारी का निर्णय बीजेपी के नेताओं को हराने जैसा है। जिलाधिकारी के कई ऐसे निर्णय है जो बीजेपी नेताओं के लिए भविष्य मे दुखदाई तो होंगे ही साथ ही बीजेपी जिसे भी टिकट देगी वो हार कर घर जायेगा ही. अभी तक भविष्य मे कभी दीपावली की दुकानों के लिए इतने चोचले नहीं किये गए जितने इस बार गरीब जरुरतमंद लोगो के लिए तैयार किये गए है. आखिर क़स्बो मे रहने वाले लोगो के लिए इस बार दीवावली के पटाके!!… दर्द ही नहीं देंगे महंगे भी होगे!!
*पी एस राजपूत*
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