ये तस्वीर किसी मॉडलिंग कॉन्टेस्ट या सेलिब्रिटी की नहीं है।सफेद शर्ट में दिख रहे इस 10वीं क्लास के साधारण से लड़के ने जो कर दिखाया है, उसने पूरे देश का दिल जीत लिया है.
यह पूरी घटना बिहार के जमुई जिले की है.
बात 19 सितंबर 2026 की शाम की है. यह लड़का अपनी क्लास-मेट लड़की के साथ कोचिंग पढ़कर वापस लौट रहा था. रास्ते में जमुई-लखिसराय रोड पर 6-7 मनचलों और गुंडों के एक झुंड ने उस अकेली लड़की को घेर लिया. वे लोग लड़की को खींचने लगे, उसके साथ गंदी बदसलूकी और छेड़छाड़ करने लगे.
लड़की रोते हुए हाथ जोड़कर मिन्नतें कर रही थी, लेकिन उन दरिंदों पर कोई असर नहीं हो रहा था.
ऐसी खौफनाक स्थिति में जहाँ बड़े-बड़े मर्द भी रास्ता बदलकर भाग जाते हैं, यह कम उम्र का लड़का उस लड़की के लिए लोहे की दीवार बनकर खड़ा हो गया.
गुंडों की तादाद बहुत ज्यादा थी, वे इस लड़के को कॉलर पकड़कर खींच रहे थे और बेरहमी से पीट रहे थे.
ये लगातार मार खाता रहा, लेकिन उसने पीछे हटने या भागने की बिल्कुल नहीं सोची. ये अकेले ही उन सारे बदमाशों से भिड़ता रहा और लड़की को उनकी गिरफ्त से छुड़ाने के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करता रहा.
जब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो इस बच्चे की बहादुरी देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं.
लोग इस लड़के की परवरिश और उसकी हिम्मत को सलाम कर रहे हैं.
इंटरनेट पर जनता इस लड़के को सच्चा हीरो मान रही है और लिख रही है कि देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसी ही निडरता की ज़रूरत है, इसलिए ये लड़का सचमुच ‘शौर्य चक्र’ जैसे बड़े सम्मान का हकदार है.
बिहार पुलिस ने भी इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
किसी ने सही कहा है कि बहादुरी उम्र या शरीर की ताकत से नहीं, बल्कि दिल के हौसले से आती है।















