रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
पूर्व मध्य रेलवे के धनबाद मंडल के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट हजारीबाग टाउन में तैनात अधिकारियों पर रोजनामचा (General Diary) प्रविष्टियों में हेरफेर और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में महानिदेशक, रेलवे सुरक्षा बल (रेल भवन, नई दिल्ली) को एक शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मामले के मुख्य बिंदु एवं अनियमितताएं
संदिग्ध रवानिगी प्रविष्टि (27.08.2026): डायरी एंट्री सं. 9 (समय 08:40 बजे) के अनुसार SI अमित कुमार और ASI उमाशंकर सिंह द्वारा संयुक्त रूप से RP (UP) केस की जांच हेतु पटना एवं अन्य स्थानों के लिए रवानगी दर्शाई गई।
वापसी प्रविष्टि में अस्पष्टता (29.08.2026): डायरी एंट्री सं. 8 (समय 13:30 बजे) में ASI उमाशंकर सिंह की वापसी दर्ज की गई। हालांकि, संयुक्त रवानगी के बावजूद SI अमित कुमार की उपस्थिति/अनुपस्थिति को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है और न ही इस संबंध में ASI उमाशंकर सिंह का बयान लिया गया।
समस्तीपुर स्थानांतरण प्रविष्टि: 29.08.2026 को ही डायरी एंट्री सं. 13 (समय 16:30 बजे) के तहत Inspector In-charge द्वारा SI अमित कुमार को अनुपस्थित दर्शाते हुए समस्तीपुर के लिए प्रशासनिक स्थानांतरण की प्रविष्टि की गई।
सरकारी संपत्ति व फाइलों के प्रभार पर सवाल: इस अवधि में धनबाद मंडल का सरकारी मोबाइल/SIM, मलखाना की चाबी और केस फाइलें SI अमित कुमार के पास थीं। यदि वे अनुपस्थित या स्थानांतरित थे, तो इन वस्तुओं का विधिवत हैण्डिंग-ओवर/टेकिंग-ओवर कब और किसे किया गया, यह जांच का मुख्य विषय है।
सरकारी दोपहिया वाहन का निजी उपयोग: आरोप है कि पिछले 5 महीनों से ASI उमाशंकर सिंह सरकारी दोपहिया वाहन का व्यक्तिगत उपयोग कर रहे हैं और इसे रात भर अपने निजी घर पर रखते हैं। इसके अलावा, विभाग से परिवहन भत्ता लेने के साथ-साथ सरकारी पेट्रोल के ₹3000 रखने का भी आरोप है।
जांच हेतु प्रमुख मांगे
विशेष ऑडिट: पिछले छह महीनों की रोजनामचा प्रविष्टियों (Departure & Return) की गहन जांच और विशेष ऑडिट कराया जाए।
CCTV व बयानों का मिलान: CCTV फुटेज से प्रविष्टियों का संयुक्त मिलान किया जाए तथा रोजनामचा लेखक व संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएं।
लॉग बुक की जांच: वाहन की लॉग बुक और पेट्रोल वितरण के रिकॉर्ड की स्पष्ट जांच की जाए।
शिकायतकर्ता ने महानिदेशक से मामले के सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।













