आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली बार किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जहां हाथरस के सिकंदराराऊ निवासी 32 वर्षीय शिक्षक महेंद्र कुशवाहा को उनकी पत्नी मीना ने अपनी एक किडनी दान कर नई जिंदगी दी।
महेंद्र पिछले करीब डेढ़ साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और लगातार डायलिसिस करा रहे थे। परिवार के सामने महंगे इलाज और ट्रांसप्लांट का खर्च बड़ी चुनौती था। इसी बीच एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिली ||
डॉक्टरों की जांच में मीना किडनी डोनेट करने के लिए उपयुक्त पाई गईं। इसके बाद 22 अगस्त को महेंद्र का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। खास बात यह है कि यह एसएन मेडिकल कॉलेज के इतिहास का पहला किडनी ट्रांसप्लांट बताया जा रहा है।
👉मीना ने कहा कि जब पति की दोनों किडनियां खराब होने की जानकारी मिली और किडनी देने की बात सामने आई, तो उन्होंने बिना देर किए फैसला कर लिया। उनका कहना है कि जिस इंसान के साथ जिंदगी बिताने का वादा किया है, उसके लिए एक किडनी देना उनके लिए बड़ी बात नहीं है।
फिलहाल महेंद्र और मीना दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं।













