योगी सरकार ने 15.26 करोड़ से संवारा ऐतिहासिक कैलाश मंदिर, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

*योगी सरकार ने 15.26 करोड़ से संवारा ऐतिहासिक कैलाश मंदिर*

 

*- रेड सैंड स्टोन के घाट और म्यूरल आर्ट्स से भव्य हुआ मंदिर परिसर*

 

*- एक ही जलहरी में विराजमान हैं दो शिवलिंग, सावन में लगता है मेला*

 

*आगरा, 30 जून।* उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और पौराणिक धरोहरों के जीर्णोद्धार के लिए वृहद स्तर पर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में ताजनगरी आगरा में यमुना नदी के तट पर स्थित अति प्राचीन कैलाश महादेव मंदिर का 15.26 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण कराया गया है। दो चरणों में हुए इस विकास कार्य के बाद अब मंदिर का स्वरूप पूरी तरह निखर गया है। विशेषकर भव्य रिवर फ्रंट के निर्माण से मंदिर की सुंदरता कई गुना बढ़ गई है। यमुना तट पर स्थापित भगवान शिव के डमरू की विशालकाय प्रतिकृति यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है, जहां सुबह और शाम के समय एक अद्भुत रौनक देखने को मिलती है।

 

*रेड सैंड स्टोन के घाट और म्यूरल आर्ट्स से भव्य हुआ मंदिर परिसर*

उ.प्र. पर्यटन द्वारा प्रथम चरण में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से मंदिर को जाने वाले मार्ग पर एक भव्य गेट और यमुना तट पर घाट का निर्माण कराया गया था। दूसरे चरण में यहां व्यापक सुंदरीकरण किया गया है। यहां रेड सैंड स्टोन से शानदार घाट और सीढ़ियां बनाई गई हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए पाथवे, यमुना निहारने के लिए दर्शन डेक और पवेलियन बनाए गए हैं। दीवारों पर म्यूरल आर्ट्स के माध्यम से भगवान शिव और श्रीकृष्ण की मनमोहक लीलाएं उकेरी गई हैं। इनमें कालिया नाग मर्दन, बांसुरी वादन, अर्जुन को विराट स्वरूप, शिव-पार्वती का तांडव नृत्य और शिवलिंग की पूजा करते भगवान परशुराम व महर्षि जमदग्नि के भित्ति चित्र (म्यूरल) शामिल हैं। यमुना किनारे लगी रेड सैंड स्टोन की जाली अद्भुत छटा बिखेर रही है। वर्तमान में रास्ते पर कोबल स्टोन बिछाने और विद्युतीकरण का कार्य अंतिम दौर में है, जो अगले 10-12 दिनों में पूरा हो जाएगा।

 

*एक ही जलहरी में विराजमान हैं दो शिवलिंग, सावन में लगता है मेला*

द्वापर युग का यह कैलाश महादेव मंदिर अपने आप में बेहद अनूठा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां एक ही जलहरी में दो शिवलिंग विराजमान हैं। मान्यता है कि इनकी स्थापना भगवान परशुराम और उनके पिता महर्षि जमदग्नि ने की थी। सावन माह के तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर पर विशाल और ऐतिहासिक मेला लगता है, जिसके चलते आगरा में स्थानीय अवकाश रहता है। शहर के चारों कोनों पर विराजमान भगवान शिव के चार प्रमुख मंदिरों- कैलाश, बल्केश्वर, राजेश्वर और पृथ्वीनाथ में से यह आस्था का एक प्रमुख केंद्र है।

 

*धार्मिक पर्यटन को मिल रही है नई उड़ान: पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह*

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार तीर्थ स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। आगरा के ऐतिहासिक कैलाश मंदिर का कायाकल्प हमारी इसी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। 15.26 करोड़ की इस परियोजना से न केवल मंदिर की पौराणिकता को संरक्षित किया गया है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं के साथ एक शानदार रिवर फ्रंट भी विकसित किया गया है। इससे आगरा में धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी और श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं प्राप्त होंगी।

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