उत्तर प्रदेश आवास विकास ने एक मुश्त योजना में दोहरी नीति अपनाने का आरोप, सी एम को पत्र लिखा
अगर सुधार नहीं हुआ तो उच्च न्यायालय जाने को मजबूर होंगे आवन्टी
आगरा।नगर विकास विभाग के तहत उत्तर प्रदेश आवास विकास विभाग द्वारा एकमुश्त भुगतान (OTS) योजना में आवंटियों के साथ खुली धोखाधड़ी व शोषण के संबंध में मुख्य मंत्री को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि जो घोषणा की गई थी उसके विपरीत काम हो रहा है। पत्र में कहा गया है कियदि उत्तर प्रदेश आवास विकास विभाग द्वारा इस मनमाने तरीके और 3% की अतिरिक्त ब्याज बढ़ोतरी को तुरंत वापस नहीं लिया गया, और आईटीसी प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया, तो पीड़ित आवंटी लामबंद होकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर करने को विवश होंगे। सरकार की इस कथित ‘धोखेबाजी’ का पर्दाफाश जनहित में सड़कों पर उतर कर किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।
चेतावनी पूर्ण भाषाई पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग और आवास एवं विकास परिषद द्वारा घोषित ‘एकमुश्त समाधान (OTS) योजना’ में बड़ी धोखाधड़ी उजागर हुई है। यह योजना आवंटियों के लिए राहत के बजाय आर्थिक शोषण का माध्यम बन गई है।
प्रमुख अनियमितताएं जो बताई गई हैं उनमें ब्याज दरों में अवैध वृद्धिकी गई है। विभाग ने आवंटन के समय के मूल ब्याज में चुपके से 3% की अतिरिक्त बढ़ोतरी कर दी है, जिससे बकायेदारों पर कर्ज का बोझ कई गुना बढ़ गया है।
आईटीसी (ITC) प्रक्रिया में धांधली बरती जा रही है।जब आवंटी विभाग से ‘इन्वेस्टमेंट ट्रांसफर सर्टिफिकेट (ITC)’ पास करा रहे हैं, तो केवल 3% का ही लाभ दिया जा रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि गणना में हेराफेरी करके आवंटियों को आर्थिक रूप से पंगु बनाया जा रहा है।
योजना में साधारण ब्याज माफी का दावा किया गया था, लेकिन वास्तविकता में चक्रवृद्धि ब्याज और छिपे हुए शुल्कों के जाल में आवंटियों को फंसाया जा रहा है।
पत्र पर बबीता सिंह, शंकर देव आदि के साथ अंगिनत लोगों के दस्तखत हैं ।








