*@#,देश हित में सहयोग के लिए सहयोगात्मक डिसीजन तो लेने होंगे बो भी अलग अलग कार्य को मद्देनजर रखते हुए–*

जैसे कि पेट्रोल–
एक साथ हर चीज का परहेज करना भी जैसे सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है-
वैसे ही पेट्रोल पर आप सरकारी कर्मचारी पर यह लागू नहीं कर सकते हैं हां थोड़ा बहुत परहेज जरूर हो सकता है वैसे भी कर्मचारियों पर समय का अभाव है इस बात से भी परिवारों पर बाद विवादों का असर मुख्य भूमिका में आता है –
क्योंकि उसे समय से ड्यूटी पर सुबह तो जाना जरूरी बन जाता है पर साम का बक्त जो जिम्मेदार कर्मचारी सुबह से साम की ड्यूटी के बराबर देता है उसका कोई और कहीं भी हिसाब नहीं है सुबह बो समय पर नहीं पहुंचता है तो उसकी रोटियां भी खतरे में कभी कभी पड़ जाती है हां ये परहेज बे वजह की भीड़ पर चल सकता है जो शहर गलियों और गंतव्य पर निकले आम पब्लिक और इमरजेंसी के सामने मुसीबत बने हुए हैं और आम आदमी के बहुत से जो आवश्यक कार्य भी बाधित न हो आज हम जिंदगी में इन सब चीजों के आदी और इन पर इतने निर्भर हो गये है कि इनके बिना हम चाहकर भी नहीं चल सकते हैं बो पहले की बात और थी जब बैल और भैंसा यातायात का मुख्य साधन हुआ करते थे तब हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हम भी स्वस्थ थे हमारी सेहत पर हमारे अपनों का सहयोग और प्रेम और दुआएं दवा का काम करते थे डॉक्टर कहां हुआ करते थे जंगल भी दवाओं की पूर्ण भूमिका हमारी सेहत के लिए निभाते थे इतिहास गवाह है कि जब लक्ष्मण मूर्छित हुए थे तब वीर हनुमान की जो मुख्य भूमिका शक्ति और सहयोग में रही है उस कार्य और सहयोग के रिणी राम भगवान भी है हम कैसे भूल सकते हैं कि लक्ष्मण का पुनः जीवन दान वीर शक्तिशाली हनुमान जी की कृपा और समाज सेवा का अहम हिस्सा है समाज सेवा यूं ही नहीं सर्वोपरि है मानव जीवन के कार्यों में आज तो यदा-कदा को छोड़कर चेहरे चमकाने की होड़ लगी हुई है और जो कर रहे हैं उन्हें लोग ठीक से जानते भी नहीं है और जो चेहरे रौशनी खरीदने में सबसे आगे हैं खैर हमें थोड़े थोड़े परहेज की तो बेहद आवश्याकता है एक साथ तो बहुत मुश्किल जाएगा अति कहीं भी अच्छे परिणाम नहीं दे सकती है–
(दूसरा)
एक साल तक सोने खरीद पर प्रतिबंध लगाना व्यापारी तो तबाही की कगार पर जा खड़ा होगा पर इसका सीधा असर हर व्यक्ति पर भी छोड़ेगा क्यों कि शादी विवाह जैसी रिवाजों पर हर व्यक्ति पर असर डालेगा व्यापारी तो सुनकर ही कराहने लगा है कल ही बाजार की ताजा खबर हमारे साथ शेयर हुई है व्यापारियों के द्वारा कि साल तक हम कैसे और क्या करेंगे हां यह विषय देश हित में हम सबके लिए त्याग का महत्व रखता है पर इसके लिए हमें कोई ध कोई बीच का रास्ता भी अवश्य निकाल कर चलना होगा।
*लेखिका,पत्रकार,दीप्ति,चौहान।*✍️






