राजभवन के पास VIP की गाड़ियां नो पार्किंग में, आम जनता पर ही क्यों चलता है कानून?
लखनऊ। राजधानी के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार राजभवन के आसपास नो पार्किंग क्षेत्र में कथित तौर पर VIP वाहनों की पार्किंग खुलेआम देखने को मिलती है। सवाल यह है कि क्या यातायात नियम सिर्फ आम लोगों के लिए बने हैं?
जब कोई आम नागरिक नो पार्किंग में वाहन खड़ा करता है तो तुरंत चालान और कार्रवाई होती है। लेकिन जब बात रसूखदार या VIP वाहनों की आती है तो जिम्मेदार विभाग की सख्ती कहीं गायब नजर आती है।
यदि कानून सबके लिए बराबर है तो फिर इन वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं? क्या ट्रैफिक पुलिस में इतनी हिम्मत है कि वह VIP गाड़ियों का भी चालान करे, या फिर कानून का डंडा सिर्फ आम जनता पर ही चलता रहेगा?
जनता पूछ रही है— क्या ट्रैफिक नियमों में भी VIP और आम नागरिक के लिए अलग-अलग व्यवस्था है, या कानून की नजर में सभी वास्तव में बराबर हैं?









