*परी चौक ग्रेटर नोएडा की “धड़कन” आज कचरे से दम तोड़ रही है*
*ग्रेटर नोएडा शहर की पार्क बदहाली स्थिति में है*
*”एक्टिव सिटीज़न टीम जगाती है, GNIDA सोती है! शहर की बदहाली की जिम्मेदार कौन?”*
*परी चौक* ग्रेटर नोएडा का दिल है। यहीं से सभी *नेता, सांसद, विधायक* गुजरते हैं। यहीं से *ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे* जुड़ते हैं। कई राज्यों को जोड़ने वाला ये रास्ता ही ग्रेटर नोएडा की पहचान है।
लेकिन आज इसी “दिल” की हालत सबसे खराब है।
ग्रेटर नोएडा एक्टिव सिटीज़न टीम के सदस्य *हरेंद्र भाटी* लगातार शहर की आवाज बन रहे हैं। कड़वा सच यही है कि *जहां एक्टिव सिटीज़न टीम ने सवाल उठाया, वहीं थोड़ा काम हुआ।* बाकी जगह अधिकारी और ठेकेदार दोनों गायब।
करोड़ों के टेंडर पास हैं, कागजों में शहर *”स्मार्ट”* है।
हकीकत में *सेक्टर गामा-1 SK रोड अमृतपुरम ग्रीन से परी चौक तक पार्क कचरे के डंपिंग ग्राउंड बन चुके हैं।*
2 महीने पहले एक्टिव सिटीज़न टीम ने परी चौक की बदहाली उठाई थी। खानापूर्ति के बाद सब वैसे का वैसा छोड़ दिया गया।
1. *वीआईपी रोड* – Noida, Agra, Lucknow, कई राज्यों को जोड़ने वाली रोड कचरे से पटी है।
2. *मैन रोड पर अवैध ठेलियाँ दुकानें वालो ने कब्जा कर रखा है गंदगी से बुरा हाल*
3. *पार्क* – जहां बच्चे खेलें वहां सूखे पत्ते, प्लास्टिक, थर्माकोल के पहाड़ हैं
4. *फुटपाथ* – 2 महीने से भरा गंदा पानी। मच्छर, डेंगू, मलेरिया को खुला न्योता
*अगर शहर का “दिल” ही बीमार रहेगा, तो बादल पार्क की खूबसूरती कहां से नजर आएगी?*
परी चौक के आसपास साफ सफाई नहीं तो पूरा ग्रेटर नोएडा बदनाम।
*क्यों? क्योंकि…*
*अधिकारी* – AC ऑफिस में, मैदान में जीरो।
*ठेकेदार* मनमर्जी, कोई पूछने वाला नहीं।
*जवाबदेही* नाम की भी नहीं।
शहर को बदहाल करने का ठीकरा किसके सिर?
*GNIDA या सत्ता में बैठे सत्ताधीश?*
जनता टैक्स देती है सुविधा के लिए, धोखे के लिए नहीं।
अब आश्वासन नहीं, *एक्शन चाहिए।*
*हरेंद्र भाटी*
* एक्टिव सिटिज़न टीम, ग्रेटर नोएडा









