*पत्रकार को खबर रोकने और धमकी देने का आरोप, सण्डीला कोतवाली में दी गई तहरीर*
संडीला (हरदोई)। संडीला क्षेत्र के एक पत्रकार ने खबर की कवरेज रोकने और फोन पर धमकी दिए जाने का आरोप लगाते हुए कोतवाली प्रभारी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पत्रकार प्रियदर्शी गुप्त ने कोतवाली प्रभारी संडीला को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि 11 जून 2026, गुरुवार को वार्ड नंबर 06 में सूचना मिलने पर वह अपने पत्रकारिता कार्य के तहत एक सड़क से संबंधित खबर की कवरेज करने पहुंचे थे। आरोप है कि कवरेज के बाद अभिमन्यु गुप्ता नामक व्यक्ति ने शाम करीब 7:51 बजे मोबाइल फोन पर कॉल कर खबर को रोकने और प्रकाशित न करने का दबाव बनाया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फोन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी गई और खबर चलाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही गई। पीड़ित पत्रकार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर भाजपा सरकार लगातार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि प्रदेश में “गुंडा-माफिया थर-थर कांप रहे हैं” और कानून का राज स्थापित है, बुलडोजर चल रहा है। लेकिन दूसरी ओर यदि एक पत्रकार को सिर्फ खबर दिखाने या प्रकाशित करने पर धमकियां मिल रही हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि *आखिर ऐसे लोग कौन हैं, इन्हें किसका संरक्षण प्राप्त है और इनके हौसले इतने बुलंद कैसे हैं?*
चर्चा यह भी है कि जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों के साथ इस प्रकार का व्यवहार हो सकता है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
*इस मामले ने एक बार फिर पत्रकारों की स्वतंत्रता, सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती को लेकर बहस तेज कर दी है।*









