राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर एटा में विचार गोष्ठी: वक्ताओं ने उठाईं विकास और युवा सशक्तीकरण की यादें
एटा, 21 मई।
राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन एटा के नेतृत्व में पूर्व सांसद श्रीमती सत्या बहन के कैंप कार्यालय (लालपुर हाउस, गांधी मार्केट) पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के दूरदर्शी निर्णयों, आधुनिक भारत के सपने और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया।
बैठक का संचालन सोहन लाल वर्मा (जिला अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, एटा) ने किया, जबकि अध्यक्षता पूर्व कार्यवाहक जिला अध्यक्ष ठाकुर अनिल सोलंकी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सेवा दल के वरिष्ठ नेता अरुणेश गुप्ता और पूर्व ब्लाक प्रमुख डॉ. गीतम सिंह राजपूत उपस्थित रहे।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए अरुणेश गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग जमीन पर राज करते हैं और कुछ दिलों पर। राजीव गांधी वह शख्सियत थे, जिन्होंने जमीन के साथ-साथ दिलों पर भी हुकूमत की। उन्होंने 19वीं सदी में ही 21वीं सदी के भारत का सपना देख लिया था।
ठाकुर अनिल सोलंकी (पीसीसी) ने अपने संबोधन में कहा कि राजीव गांधी स्वभाव से गंभीर थे लेकिन उनकी सोच अत्याधुनिक थी। वे भारत को दुनिया की उच्च तकनीकों से लैस करना चाहते थे। उन्होंने संचार क्रांति, कंप्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार और पंचायती राज जैसी ऐतिहासिक पहल कीं।
नैना शर्मा (एडवोकेट, जिला अध्यक्ष, सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ, कांग्रेस एटा) ने कहा कि राजीव गांधी देश के कंप्यूटर क्रांति के जनक कहे जाते हैं। वे युवाओं के अत्यंत लोकप्रिय नेता थे। उनके भाषणों को सुनने के लिए लोग घंटों इंतजार करते थे। आज हर हाथ में दिखने वाला मोबाइल उन्हीं के दूरगामी फैसलों का परिणाम है।
सोहन लाल वर्मा (जिला अध्यक्ष, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन) ने कहा कि मात्र 40 वर्ष की आयु में प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। उनकी मां इंदिरा गांधी जब पहली बार प्रधानमंत्री बनीं, तब वे राजीव गांधी से आठ साल बड़ी थीं। उनके नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू 58 वर्ष की आयु में पहले प्रधानमंत्री बने थे।
सुनील गौतम (एडवोकेट, जिला अध्यक्ष, किसान कांग्रेस) ने कहा कि राजीव गांधी देश में पीढ़ीगत बदलाव के अग्रदूत थे और उन्हें इतिहास का सबसे बड़ा जनादेश मिला था। राजपाल वर्मा (प्रदेश सचिव, पिछड़ा विभाग, कांग्रेस) ने कहा कि अपनी मां की हत्या के बाद 31 अक्टूबर 1984 को वे कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री बने। दुख के बावजूद उन्होंने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया।
डॉ. गीतम सिंह राजपूत (पूर्व ब्लाक प्रमुख, जलेसर) ने बताया कि एक महीने की चुनावी यात्रा में राजीव गांधी ने पृथ्वी की परिधि से डेढ़ गुना अधिक दूरी तय करते हुए 250 से अधिक जनसभाएं कीं, जिसमें कांग्रेस को 401 सीटों का रिकॉर्ड बहुमत मिला।
अमीर अली (विधान सभा अध्यक्ष, युवा कांग्रेस एटा) ने कहा कि चार पीढ़ियों के राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद राजीव गांधी देर से राजनीति में आए, क्योंकि वे शुरू में राजनीति में नहीं आना चाहते थे।
श्रीमती ज्योति चौहान सोलंकी (एडवोकेट, प्रदेश सचिव, विधि प्रकोष्ठ, कांग्रेस) ने राजीव गांधी के बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। वहीं, चंद्र कांत गांधी (एडवोकेट, शहर उपाध्यक्ष) ने दून स्कूल, कैम्ब्रिज और इंपीरियल कॉलेज में उनकी शिक्षा एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जानकारी साझा की।
इस अवसर पर ठाकुर अनिल सोलंकी, नैना शर्मा, अरुणेश गुप्ता, राजपाल वर्मा, डॉ. गीतम सिंह राजपूत, मधुर कांत कश्यप, सुनील गौतम, चंद्र कांत गांधी, ज्योति चौहान सोलंकी, सोहन लाल वर्मा,जितेंद्र राजपूत,सुशील चंद्र शर्मा,अमीर अली, दिनेश चंद्र सागर, प्रियंका राठौर, बबलू सागर, दिनेश तोमर , मयंक यादव,जितेंद्र राना,हीरा परासर बाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।








