रिपोर्ट: सत्यदेव पांडे ( ब्यूरो चीफ- सोनभद्र)
चोपन (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र के मितापुर गांव स्थित सोन नदी में बुधवार को हुए दर्दनाक हादसे का शुक्रवार को दुखद अंत हो गया। करीब 48 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस एवं गोताखोरों की संयुक्त टीम ने लापता 16 वर्षीय बोल बम केवट पुत्र लोधी केवट का शव भी नदी से बरामद कर लिया। इसके साथ ही हादसे में डूबे तीनों युवकों के शव मिल जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। इससे पहले गुरुवार को 18 वर्षीय संदीप निषाद पुत्र रविंदर निषाद तथा 10 वर्षीय दीपक केवट पुत्र भगवान दास के शव बरामद किए गए थे। शुक्रवार को तीसरे शव के मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं और पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार मितापुर निवासी रंतन केवट की पुत्री के चौथी कार्यक्रम में शामिल होने आए दीपक केवट और बोल बम केवट परिजनों के साथ सोन नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने के प्रयास में संदीप निषाद भी नदी में उतर गया, लेकिन वह भी नदी में डूब गया। इस हादसे में तीनों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद प्रशासन ने लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। ओबरा तहसील की राजस्व टीम, एडीशनल एसपी, सीओ सिटी, उपजिलाधिकारी ओबरा,चोपन थाना प्रभारी गोपाल जी गुप्ता सहित प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौके पर डटे रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोन नदी में निर्धारित क्षेत्र से बाहर हो रहे अवैध बालू खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने अवैध खनन में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। तीनों शवों के बरामद होने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरे मितापुर गांव में शोक का माहौल है और हर आंख नम दिखाई दे रही है।









