रिपोर्ट: राहुल गुप्ता (शाहजहांपुर)
शाहजहाँपुर। जनपद में टूटते रिश्तों को जोड़ने और पारिवारिक कलह को कानूनी विवाद से बाहर निकालकर आपसी सहमति से सुलझाने का सिलसिला जारी है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित ‘परिवार परामर्श केंद्र’ में आयोजित सुनवाई में आज उस समय एक सुखद तस्वीर देखने को मिली, जब वर्षों से विवादों में उलझे 5 दंपतियों ने आपसी गिले-शिकवे मिटाकर फिर से एक साथ रहने का संकल्प लिया।
28 मामलों पर हुई सुनवाई, 5 परिवारों में हुई सुलह
आज आयोजित परामर्श सत्र में कुल 28 पत्रावलियों को सुनवाई के लिए रखा गया था। परामर्श दाताओं की टीम ने प्रत्येक मामले की गंभीरता को समझा और दंपतियों की काउंसलिंग की। लंबी बातचीत और समझाइश के बाद 5 दंपतियों के बीच हुए समझौतों ने उनके परिवारों को बिखरने से बचा लिया।
विवादों की जड़ और समाधान का सफर:
1. थाना रोजा का मामला: शादी के 2 साल बाद ही पति की शराब की लत और मारपीट ने वैवाहिक जीवन को संकट में डाल दिया था। 8 माह की मासूम बेटी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परामर्शदाताओं ने पति को कड़े निर्देश दिए और पत्नी के साथ उचित व्यवहार करने की सलाह दी, जिस पर पति ने सहमति जताई।
2. थाना सेहरामऊ दक्षिणी: 6 साल पुरानी शादी में मुख्य समस्या सास-ससुर का नकारात्मक व्यवहार था। पति के दिव्यांग होने के बावजूद परिवार द्वारा आवेदिका को घर से निकालना एक बड़ी चुनौती थी। केंद्र के हस्तक्षेप के बाद परिवार के सदस्यों ने अपनी गलती मानी और आवेदिका को सम्मानपूर्वक घर वापस ले गए।
3. थाना पुवायां: 16 साल के वैवाहिक जीवन में पति का अपनी बहनों के प्रभाव में अत्यधिक रहना कलह का मुख्य कारण बना हुआ था। विवाद का समाधान पति द्वारा यह वचन देने पर निकला कि वह अपनी पत्नी की मर्जी के अनुसार एक अलग मकान बनवाकर उन्हें सुखी जीवन प्रदान करेगा।
**4. थाना सिधौली:** 3 माह से मायके में रह रही आवेदिका ने पति पर मारपीट और आर्थिक भरण-पोषण न करने का आरोप लगाया था। काउंसलिंग सत्र में पति ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए भविष्य में बेहतर जीवनसाथी बनने का वादा किया।
**5. थाना मिर्जापुर:** 3 साल पुरानी शादी में सास के अनावश्यक हस्तक्षेप से आवेदिका परेशान थी। अंततः पति अपनी पत्नी की बात मानने और अपनी माँ व बहन से अलग रहकर अपनी अलग गृहस्थी बसाने पर सहमत हुआ।
- परामर्श टीम की सराहनीय भूमिका
इस सफल आयोजन में पुलिस की टीम ने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए परिवारों को टूटने से बचाया। इस दौरान निम्नलिखित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे:
प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र: म0उ0नि0 श्रीमती मधु यादव
महिला परामर्श दात्री: श्रीमती हिमांशु श्रीवास्तव
टीम के सदस्य: महिला मुख्य आरक्षी चंद्रकांता शर्मा, म0आ0 मोनिका कुमारी, म0आ0 नेहा चौहान, म0आ0 शीतल चौहान, म0आ0 निशा मिश्रा, म0आ0 रश्मि चौधरी और आरक्षी रिंकू कुमार।
पुलिस लाइन में हुई इस कार्यवाही के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। प्रशासन की इस मानवीय पहल ने साबित कर दिया है कि संवाद के जरिए कठिन से कठिन पारिवारिक विवादों का हल निकाला जा सकता है।









