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नगर निगम के ट्रेड टैक्स से विरोध में उतरी समाजवादी व्यापार सभा, रिपोर्ट शंकर देव तिवारी

 

 

*नगर निगम के ट्रेड टैक्स से विरोध में उतरी समाजवादी व्यापार सभा*

 

*आगरा का पिछड़ता व्यापार जगत और नगर निगम द्वारा थोपे गए नए “ट्रेड टैक्स” के विरुद्ध उठाई आवाज, घटते व्यापार पर जताई चिन्ता*

 

आगरा। सरकार की गलत आर्थिक नीतियों व बेलगाम अफसरशाही शहर के उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। शहर से कई उद्योग व इंडस्ट्री अन्य शहरों में पलायन कर गए। जो बचे हैं वो भी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उस पर समस्त व्यापार पर नया कर ट्रेड टैक्स और पलीता लगाने का काम कर रहा है। प्रदेश सरकार और आगरा नगर निगम द्वारा शहर के व्यापारियों पर “ट्रेड टैक्स” के नाम से एक नया कर थोपा जा रहा है। यह शहर के हर छोटे-बड़े व्यवसाय के लिए विनाशकारी सिद्ध होगा। इससे व्यापार करना न केवल कठिन बल्कि असंभव हो जाएगा। समाजवादी व्यापार सभा द्वारा लोहामंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित बैठक व प्रेस वार्ता में ट्रेड टैक्स का विरोध करते हुए मनोज गुप्ता (प्रदेश सचिव एवं आगरा मंडल प्रभारी) ने यह बात कही।

कहा कि सर्राफा व्यापार में टर्नओवर के आधार पर ट्रेड टैक्स आरोपित कर दिया गया है जो तर्कहीन है, क्योंकि सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के कारण पहले ही व्यापार 10% से 20% तक सिमट गया है। इससे आभूषण निर्माण में लगे कारीगरों और महिलाओं के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और यमुना में स्टीमर चलाने जैसे बड़े वादे सिर्फ सपने बनकर रह गए हैं। पर्यटन व्यवसाय लगातार घट रहा है। सरकारी उदासीनता से पेठे की मिठास फीकी पड़ गई है। कभी आगरा में 400 से 500 पेठा इकाइयां सक्रिय थीं, जो अब घटकर मात्र 70-80 रह गई हैं। शेष इकाइयां दूसरे राज्यों में पलायन कर चुकी हैं। आगरा का जूता उद्योग, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखता था, अब बंदी के कगार पर है। लगभग 200 से 250 बड़ी इकाइयां पूरी तरह बंद हो चुकी हैं, जिससे हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। भाजपा सरकार की ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना, जिसे जनवरी 2018 में बड़े दावों के साथ लॉन्च किया गया था। जो भ्रष्टाचार और सरकारी विसंगतियों की भेंट चढ़ गई है। आगरा को ‘ग्रीन कैटेगरी’ में रखे जाने के कारण चमड़ा उद्योग को सरकारी नियमों में राहत नहीं मिल पा रही है, ग्रीन कैटेगरी में चमड़ा व्यवसाय बैन है। यह व्यापार केवल व्हाइट कैटेगरी में करना ही संभव है जिससे इस सेक्टर का भविष्य अंधकारमय है। इस अवसर पर मुख्य रूप से शब्बीर अब्बास (सपा महानगर अध्यक्ष), विनय अग्रवाल (पूर्व प्रत्याशी, दक्षिण), राकेश अग्रवाल (प्रदेश सचिव), राहुल चतुर्वेदी (पूर्व मेयर प्रत्याशी), नितिन कोहली (प्रत्याशी, उत्तर), सोमेश गुप्ता (व्यापार सभा अध्यक्ष) मधुकर अरोड़ा, बलविंदर सिंह जाटव, नितिन वर्मा, राजेश गुप्ता, पंकज अग्रवाल, हरीश गुप्ता , हरेश अग्रवाल, संजय वर्मा ,सुशांत गुप्ता संजय वर्मा पंकज अग्रवाल कयामुद्दीन राइन उपेंद्र सिंह आलोक वर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

*समाजवादी व्यापार सभा की चैतावनी*

आगरा। समाजवादी व्यापार सभा उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार, प्रशासन और आगरा नगर निगम को स्पष्ट चेतावनी देते हुए मांग की कि इस अन्यायपूर्ण और अनुचित “ट्रेड टैक्स” को तत्काल पूर्ण रूप से निरस्त किया जाए। यह टैक्स सरकार की दोहरी मानसिकता का प्रतीक है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के किसी अन्य जिले में इस तरह का कर व्यापारियों पर नहीं लगाया गया है। इस टैक्स को वापस नहीं लिया गया, तो सपा व्यापार सभा पूरे शहर के व्यापारियों के साथ मिलकर जन-जागरण अभियान शुरू करेगी और सड़कों व चौराहों पर उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।

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