गोवर्धन की इंद्रा कॉलोनी से हुआ एक वीडियो वायरल, यूपी पुलिस में तैनात पुलिस कर्मी अपने साथ अन्य बिना नेम प्लेट के पुलिस कर्मी को लेकर पहुंचा अपनी ससुराल,पुलिस कर्मी पर ससुराली जनों ने लगाए फर्जी होने के आरोप,मामला पहुंचा थाना गोवर्धन,पुलिस जुटी जांच में , पीड़िता ने गोवर्धन थाने में लिखित तहरीर देकर लगाई न्याय की गुहार
**न्याय की गुहार – सच्चाई जनता के सामने**
दिनांक **26 जून 2026** को शाम लगभग **4:43 बजे**, मेरे घर पर **दहेज मुकदमे का नामजद अभियुक्त स्वयंप्रकाश उर्फ सोनू** अपनी **ब्रेज़ा कार** से एक ऐसे व्यक्ति को लेकर आया, जिसने स्वयं को **थाना बबराला का विवेचना अधिकारी (एसआई)** बताया।
जबकि **मेरे मुकदमे के वास्तविक विवेचना अधिकारी श्री अंकित एसआई हैं**, जिन्होंने पहले ही मेरे एवं मेरी पुत्री के बयान दर्ज कर लिए हैं।
जिस व्यक्ति ने स्वयं को विवेचना अधिकारी बताया, उसकी वर्दी पर **कोई नेम प्लेट नहीं थी**। उसने मेरे परिवार पर दबाव बनाते हुए कहा:
**”राजीनामा कर लो, नहीं तो मैं मुकदमे में एफ.आर. लगा दूँगा।”**
मेरे परिवार ने इसका विरोध किया तो हमें धमकाया गया और गाली-गलौज की गई। जैसे ही हमने **112 पुलिस** को सूचना दी, **स्वयंप्रकाश और उसके साथ आया व्यक्ति दोनों मौके से भाग गए।**
इस पूरी घटना का **वीडियो** हमारे पास सुरक्षित है।
मैं उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग करती हूँ कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, यह पता लगाया जाए कि वह व्यक्ति कौन था, किस अधिकार से स्वयं को विवेचना अधिकारी बता रहा था, और नामजद अभियुक्त स्वयंप्रकाश उसके साथ मेरे घर क्यों आया। यदि कोई कानून का दुरुपयोग या झूठा परिचय देकर धमकी देने का प्रयास हुआ है, तो दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
**न्याय चाहिए, दबाव नहीं। कानून सभी के लिए समान है।**
**– श्रीमती महारानी**
गोवर्धन, मथुरा









